फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   paymeant

एक ही कार्य का तीन बार करा लिया भुगतान

Thu, 21 Nov 2019 10:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 10:51 PM IST
विज्ञापन
paymeant
डीपीआरओ की जांच में उजागर हुई अनियमितता
विज्ञापन

कार्रवाई के लिए डीएम और सीडीओ को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत करौंदा में कराए गए विकास कार्यों की हुई जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई। हद तो यह है कि एक ही कार्य का तीन बार भुगतान करा लिया गया हैं। डीपीआरओ ने जांच रिपोर्ट डीएम और सीडीओ को कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी है।

डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 18 नवंबर को बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत करौंदा में हुए विकास कार्यो की जांच की। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रशासनिक मद से 109023 रुपये एवं 7000 रुपये आहरित किया गया है। प्रशासनिक मद की इतनी बड़ी रकम किस प्रयोजन में खर्च की गई, इसका विवरण प्रिया शाफ्ट पर फीड नहीं किया गया है। वर्ष 2018-19 मेें ही चतुर्थ राज्य वित्त की धनराशि से चालीस हजार रुपये फॉगिंग मशीन खरीदने पर खर्च किया गया, लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि कोई फॉगिंग नहीं हुई हैं एवं मशीन क्रय भी नहीं हुआ है। चौदहवां वित्त आयोग के मद से पिच रोड से फूलचंद्र के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर 1,86,363 रुपये खर्च किया गया है। जांच में कोई भी इंटरलाकिंग नहीं पाई गई। उसी वित्तीय वर्ष में राजेश के घर से सुरेश के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर चौदहवें वित्त से 1,75,985 रुपये खर्च दिखाया गया है। इसी कार्य को मनरेगा योजना से उसी वित्तीय वर्ष चंद्रभान के घर से सत्य प्रकाश के घर तक इंटर लाकिंग कार्य के रूप में सिर्फ अभिलेखों में किया जाना दर्शाया गया है। मात्र मैटेरियल कंपोनेंट पर 1,31,511 रुपये खर्च दिखाया गया है। पुन: वर्ष 2019-20 में मनरेगा योजना के तहत 35630 रुपये का मैटेरियल कंपोनेंट आहरित किया गया। एक ही कार्य के नाम पर तीन बार धनराशि आहरित की गई है। वहीं मौके पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है। सिर्फ पुुराना खड़ंजा लगा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में चौदहवें वित्त आयोग के मद से राजेश के घर से सुरेश के घर तक इंटर लाकिंग कार्य पर 1,75,980 रुपये खर्च किया गया है। मौके पर इंटरलॉकिंग पाई गई, लेकिन वर्ष 2019-20 में मनरेगा योजना से इसी कार्य को चंपा देवी के घर से नागेंद्र के घर तक इंटर लाकिंग के नाम से करा मात्र मैटेरियल कंपोनेंट पर तीन लाख से अधिक की धनराशि आहरित कर ली गई है। एक ही कार्य पर दो अलग-अलग योजनाओं से दो बार धनराशि आहरित की गई। वित्तीय वर्ष 2018-19 में मनरेगा योजना से उमाकांत के घर से प्राथमिक स्कूल तक मिट्टी एवं खड़ंजा पर सामग्री के नाम पर 2,10,540 रुपये का आहरण किया गया है, लेकिन खडंजा प्राथमिक स्कूल तक है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में मनरेगा योजना से भोला के घर से मुनीब के घर तक इंटर लाकिंग कार्य पर मात्र मैटेरियल कंपोनेंट पर तीन लाख से अधिक खर्च किया गया,लेकिन यह कार्य मुनीब के घर से बहुत पहले ही समाप्त हो गया है। प्रधान एवं सचिव के जरिए गांव में कुल 34 शौचालयों की धनराशि का आहरण स्वयं किया गया है। ये शौचालय अधूरे हैं और दरवाजे एवं छत नहीं हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम और सीडीओ को रिपोर्ट सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed