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Sant Kabir Nagar News: भरण-पोषण के मामले में बेटा कोर्ट में तलब
Tue, 02 Jan 2024 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 02 Jan 2024 11:21 PM IST
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एसडीएम कोर्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय उप जिला मजिस्ट्रेट खलीलाबाद शैलेश दूबे की कोर्ट ने माता-पिता को प्रताड़ित करने, भरण-पोषण न देने, मकान पर कब्जा करने के मामले में बेटे को 30 जनवरी को कोर्ट में तलब किया है। अधिवक्ता सरफराज नवाज आलम ने बताया कि पीड़ित सीताराम व उनकी पत्नी इसरावती निवासी ग्राम गड़सरपार खलीलाबाद ने कोर्ट में बताया कि वे दोनों वृद्ध व्यक्ति हैं। अपनी कमाई से अपनी जमीन में मकान का निर्माण करवाया। अपने इकलौते पुत्र की शादी की। बेटा ट्रक ड्राइवर है। 40 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है। बेटा और बहू हमारा ख्याल नहीं रखते हैं। न ही कोई भरण-पोषण देते हैं। इसकी वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। बेटा और बहू अलग रहते हैं। करीब दो माह पहले बेटा आया और मकान में रहने लगा। इसके बाद हमको मारता-पीटता है। जान से मारने की धमकी देता है। बेटे और और बहू के मकान में रहने से हमारी जान का खतरा है। पीड़ित ने बेटे और बहू को मकान से बेदखल किया जाना तथा बीस हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण दिलाए जाने की याचना कोर्ट से की है।
एसडीएम की कोर्ट ने सुनवाई के बाद बेटे और बहू को 30 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय उप जिला मजिस्ट्रेट खलीलाबाद शैलेश दूबे की कोर्ट ने माता-पिता को प्रताड़ित करने, भरण-पोषण न देने, मकान पर कब्जा करने के मामले में बेटे को 30 जनवरी को कोर्ट में तलब किया है। अधिवक्ता सरफराज नवाज आलम ने बताया कि पीड़ित सीताराम व उनकी पत्नी इसरावती निवासी ग्राम गड़सरपार खलीलाबाद ने कोर्ट में बताया कि वे दोनों वृद्ध व्यक्ति हैं। अपनी कमाई से अपनी जमीन में मकान का निर्माण करवाया। अपने इकलौते पुत्र की शादी की। बेटा ट्रक ड्राइवर है। 40 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है। बेटा और बहू हमारा ख्याल नहीं रखते हैं। न ही कोई भरण-पोषण देते हैं। इसकी वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। बेटा और बहू अलग रहते हैं। करीब दो माह पहले बेटा आया और मकान में रहने लगा। इसके बाद हमको मारता-पीटता है। जान से मारने की धमकी देता है। बेटे और और बहू के मकान में रहने से हमारी जान का खतरा है। पीड़ित ने बेटे और बहू को मकान से बेदखल किया जाना तथा बीस हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण दिलाए जाने की याचना कोर्ट से की है।
एसडीएम की कोर्ट ने सुनवाई के बाद बेटे और बहू को 30 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।