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Sant Kabir Nagar News: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में गिरफ्तारी से जिले में खलबली

Sun, 04 Aug 2024 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 04 Aug 2024 11:29 PM IST
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Panic in the district due to arrest in fake birth certificate case
- तीन साल पहले एक जिला पंचायत सदस्य के सत्यापन पर जिले से एक रोहिंग्या का बना था पासपोर्ट
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- एटीएस ने किया था मामले का खुलासा, टेरर फंडिंग में आया था आरोपी का नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रायबरेली में रोहिंग्या को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में जिले से एक युवक की गिरफ्तारी की खबरें सामने आने के बाद खलबली मच गई है। एटीएस की इस कार्रवाई की जानकारी के बाद कूटरचित तरीके से प्रमाणपत्र बनाने वालों में हड़कंप है। पूर्व में भी जिले के एक जिला पंचायत सदस्य के सत्यापन पर एक रोहिंग्या का पासपोर्ट बना था, इसका खुलासा भी एटीएस ने किया था। जांच में आरोपी का नाम टेरर फंडिंग में भी आया था।
कोतवाली क्षेत्र के सियरा सांथा गांव निवासी आकाश कसौधन पुत्र गुलाब कसौधन को एटीएस ने एक अगस्त को ही गिरफ्तार किया था। पहले उसे लखनऊ ले जाया गया फिर रायबरेली ले जाकर पूछताछ के बाद शनिवार को जेल भेज दिया गया। यूपी एटीएस ने आकाश के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और लैपटाॅप आदि कब्जे में लिया था। पुलिस के मुताबिक आकाश सियरासांथा चौराहे पर जन सेवा केंद्र (सीएससी) चलाता था। यहीं से रोहिंग्या के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में एटीएस के रडार पर आया। आकाश के पिता गुलाब क्षेत्र में घूम-घूम कर अनाज खरीदते और बेचते हैं। चौराहे पर ही उनकी दुकान है और घर भी। एटीएस की जांच अभी जारी है, मुमकिन है कि जांच और कार्रवाई की जद में अभी कुछ और लोग भी आ सकते हैं। हालांकि जिले की पुलिस मामला एटीएस से जुड़ा होने का हवाला देकर कुछ भी बोलने से कतरा रही है।
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टेरर फंडिंग में बखिरा से दबोचा गया था रोहिंग्या
एटीएस ने बखिरा क्षेत्र में रह रहे म्यांमार निवासी रोहिंग्या अजीजुल हक को जनवरी वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया था। फर्जी दस्तावेज के सहारे उसने दो भारतीय पासपोर्ट बनवा रखे थे। इन्हीं पासपोर्ट पर वह सऊदी अरब और बांग्लादेश की यात्रा कर चुका था। जांच के दौरान उसके बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन का पता चला, जिससे उसके टेरर फंडिंग में शामिल होने की पुष्टि भी हुई थी। यूपी एटीएस के रडार पर उस समय ब्लॉक कर्मचारी समेत कुछ अन्य लोग भी आए थे।
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जिला पंचायत सदस्य ने किया था सत्यापन
कूटरचित दस्तावेज के आधार पर म्यांमार के रहने वाले अजीजुल के निवास प्रमाणपत्र का सत्यापन एक जिला पंचायत सदस्य ने किया था। रोहिंग्या के सभी दस्तावेज बखिरा क्षेत्र के नौरो गांव निवासी अजीजुल्लाह पुत्र बदरे आलम के तौर पर बने थे। जिला पंचायत सदस्य के निवास प्रमाणपत्र का सत्यापन कर देने के बाद आरोपी को जाली पासपोर्ट हासिल करने में मदद मिली थी।


यूपी एटीएस ने रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में कोतवाली क्षेत्र से एक युवक गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को रायबरेली से ही जेल भेजा गया है।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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