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Sant Kabir Nagar News: खुद की शिकायत, खुद ही फंसे सचिव व प्रधान
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खुद की शिकायत, खुद ही फंसे सचिव व प्रधान
सचिव ही थे भवन प्रभारी, फिर भी पंचायत भवन का निर्माण हुआ अधोमानक
प्रधान पर कार्रवाई और पंचायत सचिव से धनराशि की रिकवरी के निर्देश
संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कला के ग्राम पंचायत गंगौरा में पंचायत भवन निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं कराने की शिकायत प्रधान और सचिव ने तत्कालीन सीडीओ से की थी। उनकी गठित जिला स्तरीय टीम की जांच में पंचायत भवन का निर्माण अधोमानक पाया गया। जांच समिति ने भवन के गिरने की आशंका भी जताई है। शिकायतकर्ता प्रधान और भवन प्रभारी/सचिव दोषी पाए गए। दोनों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
प्रभारी सीडीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि प्रधान शोभा देवी और भवन प्रभारी/ पंचायत सचिव चंदन सिंह के जरिए उक्त कार्य में घोर लापरवाही एवं उदासीनत बरती गई है। वित्तीय संसाधनों का दुरूप्रयोग किया गया है। ऐसे में प्रधान के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत 95 जी की कार्रवाई प्रस्तावित करने और भवन प्रभारी सचिव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुरूपयोग की गई धनराशि की वसूली कराने की संस्तुति की गई है।
ग्राम पंचायत गंगौरा की प्रधान शोभा देवी ने तत्कालीन सीडीओ अतुल मिश्रा को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि निर्माणाधीन पंचायत भवन की जांच अवर अभियंता लघु सिंचाई के जरिए की गई। अवर अभियंता लघु सिंचाई ने गलत रिपोर्ट लगादी। प्रधान ने टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराने की मांग की। तत्कालीन सीडीओ ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें जिला विकास अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई एवं अवर अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को शामिल किया।
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बेलहर कला के बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी चंदन सिंह और अवर अभियंता लघु सिंचाई अशोक पाल से पंचायत भवन गंगौरा के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण कराया। दोनों की संयुक्त जांच में रिपोर्ट में कहा गया कि पंचायत भवन के निर्माण को देखने से प्रतीत होता है कि अधोमानक ईंट का प्रयोग किया गया है। पंचायत भवन के दीवार की चुनाई देखने से प्रतीत होता है कि मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। छत लगने से पहले एक दीवार का प्लास्टर करा दिया गया।
सचिव ने बताया कि निर्माण कार्य प्रधान के प्रतिनिधि हरिश्चंद्र करा रहे हैं। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच उच्च स्तरीय तकनीकी टीम से कराने की मांग भी की थी। जांच अधिकारी व प्रभारी सीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में गठित टीम ने परियोजना की जांच की। विकास खंड की जांच टीम ने कार्य को असंतोषजनक पाया है। कार्य का अधिकतर हिस्सा अधोमानक पाया गया। जनपदीय जांच समिति ने पाया कि निर्माणाधीन कार्य में किसी भी तकनीकी कार्मिक का सहयोग नहीं लिया गया। निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत सचिव चंदन सिंह ने घोर लापरवाही की है। भवन के नींव की खुदाई में कंक्रीट एवं ईंट चुनाई का कार्य भी स्वीकृत प्राक्लन के अनुसार अधोमानक पाया गया। संवाद
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सचिव ही थे भवन प्रभारी, फिर भी पंचायत भवन का निर्माण हुआ अधोमानक
प्रधान पर कार्रवाई और पंचायत सचिव से धनराशि की रिकवरी के निर्देश
संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कला के ग्राम पंचायत गंगौरा में पंचायत भवन निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं कराने की शिकायत प्रधान और सचिव ने तत्कालीन सीडीओ से की थी। उनकी गठित जिला स्तरीय टीम की जांच में पंचायत भवन का निर्माण अधोमानक पाया गया। जांच समिति ने भवन के गिरने की आशंका भी जताई है। शिकायतकर्ता प्रधान और भवन प्रभारी/सचिव दोषी पाए गए। दोनों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
प्रभारी सीडीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि प्रधान शोभा देवी और भवन प्रभारी/ पंचायत सचिव चंदन सिंह के जरिए उक्त कार्य में घोर लापरवाही एवं उदासीनत बरती गई है। वित्तीय संसाधनों का दुरूप्रयोग किया गया है। ऐसे में प्रधान के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत 95 जी की कार्रवाई प्रस्तावित करने और भवन प्रभारी सचिव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुरूपयोग की गई धनराशि की वसूली कराने की संस्तुति की गई है।
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ग्राम पंचायत गंगौरा की प्रधान शोभा देवी ने तत्कालीन सीडीओ अतुल मिश्रा को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि निर्माणाधीन पंचायत भवन की जांच अवर अभियंता लघु सिंचाई के जरिए की गई। अवर अभियंता लघु सिंचाई ने गलत रिपोर्ट लगादी। प्रधान ने टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराने की मांग की। तत्कालीन सीडीओ ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें जिला विकास अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई एवं अवर अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को शामिल किया।
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बेलहर कला के बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी चंदन सिंह और अवर अभियंता लघु सिंचाई अशोक पाल से पंचायत भवन गंगौरा के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण कराया। दोनों की संयुक्त जांच में रिपोर्ट में कहा गया कि पंचायत भवन के निर्माण को देखने से प्रतीत होता है कि अधोमानक ईंट का प्रयोग किया गया है। पंचायत भवन के दीवार की चुनाई देखने से प्रतीत होता है कि मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। छत लगने से पहले एक दीवार का प्लास्टर करा दिया गया।
सचिव ने बताया कि निर्माण कार्य प्रधान के प्रतिनिधि हरिश्चंद्र करा रहे हैं। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच उच्च स्तरीय तकनीकी टीम से कराने की मांग भी की थी। जांच अधिकारी व प्रभारी सीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में गठित टीम ने परियोजना की जांच की। विकास खंड की जांच टीम ने कार्य को असंतोषजनक पाया है। कार्य का अधिकतर हिस्सा अधोमानक पाया गया। जनपदीय जांच समिति ने पाया कि निर्माणाधीन कार्य में किसी भी तकनीकी कार्मिक का सहयोग नहीं लिया गया। निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत सचिव चंदन सिंह ने घोर लापरवाही की है। भवन के नींव की खुदाई में कंक्रीट एवं ईंट चुनाई का कार्य भी स्वीकृत प्राक्लन के अनुसार अधोमानक पाया गया। संवाद