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दो कर्मियों की बर्खास्तगी और पांच के निलंबन का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:03 AM IST
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कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक को संबोधित करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति से नाराज डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी नाथनगर योगेंद्र नाथ द्विवेदी तथा ग्राम पंचायत अधिकारी बेलहर कला अभिनव वत्स को सेवा से बर्खास्त करने का निर्देश दे दिया।
इसके अलावा पांच सचिवों जितेंद्र नाथ तिवारी, अलका पांडेय, अशोक कुमार, दिलीप पांडेय, संतोष कुमार को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। जबकि एक ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए कहा। मनरेगा में खराब प्रगति होने के कारण कई बीडीओ को फटकार लगाई। जनपद के 33 सचिवों के कार्य औसत से कम होने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम की सख्ती से नाराज कुछ पंचायत सचिव बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए।
डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि मनरेगा में जितने लोगों के विरूद्ध रिकवरी के आदेश जनपद में है, उनके विरुद्ध उनसे अनुमोदन लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी सीधे एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई को गति दें। आगे बताया कि खलीलाबाद मे तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल सिंह के खिलाफ फर्जी नियुक्ति और सरकारी धन के दुरुप्रयोग के मामले में वसूली और एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है।
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विकास खंड हैंसर में तैनात एडीओ पंचायत गजानंद पाल के विरुद्ध शिकायत मिली कि वे नगर निकाय चुनाव में कर्मचारी आचरण नियमावली संहिता का उल्लंघन करते हुए प्रत्याशियों के प्रचार में लगे हुए हैं। जिसकी वीडियो क्लिीपिंग भी उपलब्ध हुई है। इस लिए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिया।
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दिया कि जोक भी इनके संबंधित सक्षम अधिकारी है अगर वह इन लोगों के विरुद्ध दिए गए निर्देश में थोड़ा भी हीला हवाली करते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने विकास विभाग के अधिकारियों और उनके अधीनस्थों को चेतावनी दी और कहा कि अगर कही से किसी लाभार्थी द्वारा किसी तरह की शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य किसी में मिली तो उसकी खैर नहीं है। अगर अपात्रों को किसी तरह से अगर योजना का लाभ दिया गया तो संबंधित दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी। बैठक में सीडीओ हाकिम सिंह, डीडीओ रविंद्र सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, सहित सभी खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
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इसके अलावा पांच सचिवों जितेंद्र नाथ तिवारी, अलका पांडेय, अशोक कुमार, दिलीप पांडेय, संतोष कुमार को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। जबकि एक ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए कहा। मनरेगा में खराब प्रगति होने के कारण कई बीडीओ को फटकार लगाई। जनपद के 33 सचिवों के कार्य औसत से कम होने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम की सख्ती से नाराज कुछ पंचायत सचिव बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए।
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डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि मनरेगा में जितने लोगों के विरूद्ध रिकवरी के आदेश जनपद में है, उनके विरुद्ध उनसे अनुमोदन लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी सीधे एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई को गति दें। आगे बताया कि खलीलाबाद मे तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल सिंह के खिलाफ फर्जी नियुक्ति और सरकारी धन के दुरुप्रयोग के मामले में वसूली और एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है।
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विकास खंड हैंसर में तैनात एडीओ पंचायत गजानंद पाल के विरुद्ध शिकायत मिली कि वे नगर निकाय चुनाव में कर्मचारी आचरण नियमावली संहिता का उल्लंघन करते हुए प्रत्याशियों के प्रचार में लगे हुए हैं। जिसकी वीडियो क्लिीपिंग भी उपलब्ध हुई है। इस लिए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिया।
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दिया कि जोक भी इनके संबंधित सक्षम अधिकारी है अगर वह इन लोगों के विरुद्ध दिए गए निर्देश में थोड़ा भी हीला हवाली करते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने विकास विभाग के अधिकारियों और उनके अधीनस्थों को चेतावनी दी और कहा कि अगर कही से किसी लाभार्थी द्वारा किसी तरह की शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य किसी में मिली तो उसकी खैर नहीं है। अगर अपात्रों को किसी तरह से अगर योजना का लाभ दिया गया तो संबंधित दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी। बैठक में सीडीओ हाकिम सिंह, डीडीओ रविंद्र सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, सहित सभी खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।