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Sant Kabir Nagar News: नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में खुले नालों से हादसे का खतरा
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मेंहदावल नगर में बना नाला खुले में है-संवाद
- खलीलाबाद, बखिरा व मेंहदावल नगर निकायों में अधिकतर नालों पर नहीं है स्लैब
- कुछ जगहों पर निर्माण कार्य अधूरे छोड़े गए, राहगीरों को सताता है हादसे का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका खलीलाबाद और नगर पंचायत बखिरा-मेंहदावल में खुले नालों से हादसे का खतरा है। आलम यह है कि इनके बगल से गुजरने में राहगीरों को नाले में गिरने का डर लगा रहता है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अधिकतर नालों पर स्लैब नहीं है। वहीं कई जगहों पर काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके चलते हादसे का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
खलीलाबाद नगर पालिका क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल के पास नाला खुला है। यहां प्रतिदिन बच्चे पढ़ने आते हैं, लेकिन नालों को ढका नहीं गया। इसी तरह से नेदुला के पास नाला खुला है, जिससे लोगों को आने जाने में समस्या होती है। शहर के बंजरिया निवासी अनूप राय, विनोद यादव, मड़या निवासी ओम नारायण शुक्ला आदि का कहना है कि नाला खुला रहने से मच्छर पनपते हैं। अगर नालों को ढक दिया जाए तो मच्छरों से कुछ हद तक निजात मिलेगी। इसके साथ ही उसमें किसी के गिरने की संभावना भी कम होगी।
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बखिरा में डेंजर जोन बना खुला नाला
तिघरा। बखिरा से सहजनवां जाने वाली सड़क के किनारे खुला नाला लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। यहां के निवासियों और राहगीरों को इससे परेशानी हो रही है। खुले नाले में जानवरों और छोटे बच्चों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासी अमरजीत, अमरेंद्र, कुलदीप, मंहत, राजू आदि ने बताया कि पानी निकासी के नाली का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन ऊपर का ढक्कन अभी तक नहीं लगाया गया, जिससे यह इलाका बच्चों, आमजन और पशुओं के लिए डेंजर जोन बन गया है।
यह मार्ग घघसरा होते हुए सहजनवां रोड से जुड़ता है, जिस कारण यहां आवागमन अधिक रहता है, और वाहनों के संतुलन बिगड़ने से नाले में गिरने की आशंका बनी रहती है। खुले नाले से दुर्गंध फैल रही है, जिससे मोहल्लेवासी परेशान हैं, और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत से शीघ्र नाली की सफाई और ऊपर से ढक्कन लगाने की मांग की है ।
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मेंहदावल में कदम-कदम पर खतरा
मेंहदावल। नगर क्षेत्र में जल निकासी के लिए बने नाले पर स्लैब की ढलाई न होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व में हादसे होने के बाद भी स्लैब की ढलाई नहीं हो पाई है। सोनबरसा से भरवलिया जाने वाले मार्ग पर बने ढाई मीटर गहरे नाले में कई पशु गिरकर चोटिल भी हुए हैं, और मौत भी हो चुकी है। जल निकासी के लिए बने नाले से खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही है। यही हाल नगर पंचायत बखिरा में मेहदावल-बखिरा मार्ग पर बने नाले का भी है, जहां स्लैब नहीं डाला गया है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह पूर्व सभासद धर्मेंद्र सिंह मुन्ना, छठी, अभिषेक, भरथू, शैलेंद्र सिंह आदि का कहना है कि जल निकासी के लिए सोनबरसा में बना नाला करीब दो मीटर गहरा है, लेकिन इस पर स्लैब नहीं डाली गई है और न ही अलग से पत्थर रखा गया है। खुला नाला दुर्घटना का कारण बन रहा है। कई पशु इसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। आमजन भी नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बना है।
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कोट
नगर निकायों में खुले नालों पर स्लैब लगाने के लिए निर्देश दिया जाएगा। जहां भी जरूरत होगी, नालों को ढकवा दिया जाएगा।
-जयप्रकाश, एडीएम
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- कुछ जगहों पर निर्माण कार्य अधूरे छोड़े गए, राहगीरों को सताता है हादसे का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका खलीलाबाद और नगर पंचायत बखिरा-मेंहदावल में खुले नालों से हादसे का खतरा है। आलम यह है कि इनके बगल से गुजरने में राहगीरों को नाले में गिरने का डर लगा रहता है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अधिकतर नालों पर स्लैब नहीं है। वहीं कई जगहों पर काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके चलते हादसे का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
खलीलाबाद नगर पालिका क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल के पास नाला खुला है। यहां प्रतिदिन बच्चे पढ़ने आते हैं, लेकिन नालों को ढका नहीं गया। इसी तरह से नेदुला के पास नाला खुला है, जिससे लोगों को आने जाने में समस्या होती है। शहर के बंजरिया निवासी अनूप राय, विनोद यादव, मड़या निवासी ओम नारायण शुक्ला आदि का कहना है कि नाला खुला रहने से मच्छर पनपते हैं। अगर नालों को ढक दिया जाए तो मच्छरों से कुछ हद तक निजात मिलेगी। इसके साथ ही उसमें किसी के गिरने की संभावना भी कम होगी।
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बखिरा में डेंजर जोन बना खुला नाला
तिघरा। बखिरा से सहजनवां जाने वाली सड़क के किनारे खुला नाला लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। यहां के निवासियों और राहगीरों को इससे परेशानी हो रही है। खुले नाले में जानवरों और छोटे बच्चों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासी अमरजीत, अमरेंद्र, कुलदीप, मंहत, राजू आदि ने बताया कि पानी निकासी के नाली का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन ऊपर का ढक्कन अभी तक नहीं लगाया गया, जिससे यह इलाका बच्चों, आमजन और पशुओं के लिए डेंजर जोन बन गया है।
यह मार्ग घघसरा होते हुए सहजनवां रोड से जुड़ता है, जिस कारण यहां आवागमन अधिक रहता है, और वाहनों के संतुलन बिगड़ने से नाले में गिरने की आशंका बनी रहती है। खुले नाले से दुर्गंध फैल रही है, जिससे मोहल्लेवासी परेशान हैं, और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत से शीघ्र नाली की सफाई और ऊपर से ढक्कन लगाने की मांग की है ।
मेंहदावल में कदम-कदम पर खतरा
मेंहदावल। नगर क्षेत्र में जल निकासी के लिए बने नाले पर स्लैब की ढलाई न होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व में हादसे होने के बाद भी स्लैब की ढलाई नहीं हो पाई है। सोनबरसा से भरवलिया जाने वाले मार्ग पर बने ढाई मीटर गहरे नाले में कई पशु गिरकर चोटिल भी हुए हैं, और मौत भी हो चुकी है। जल निकासी के लिए बने नाले से खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही है। यही हाल नगर पंचायत बखिरा में मेहदावल-बखिरा मार्ग पर बने नाले का भी है, जहां स्लैब नहीं डाला गया है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह पूर्व सभासद धर्मेंद्र सिंह मुन्ना, छठी, अभिषेक, भरथू, शैलेंद्र सिंह आदि का कहना है कि जल निकासी के लिए सोनबरसा में बना नाला करीब दो मीटर गहरा है, लेकिन इस पर स्लैब नहीं डाली गई है और न ही अलग से पत्थर रखा गया है। खुला नाला दुर्घटना का कारण बन रहा है। कई पशु इसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। आमजन भी नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बना है।
कोट
नगर निकायों में खुले नालों पर स्लैब लगाने के लिए निर्देश दिया जाएगा। जहां भी जरूरत होगी, नालों को ढकवा दिया जाएगा।
-जयप्रकाश, एडीएम