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आयुष्मान कार्ड बनाने के फेर में ओपीडी ठप
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आयुष्मान कार्ड बनाने के फेर में ओपीडी ठप
- नवजात शिशुओं की देखभाल भी प्रभावित, मरीजों का नहीं हो रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए इस समय स्वास्थ्य महकमे का जोर है, लेकिन इस मुहिम में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता पीछे छूट गई है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जहां ओपीडी ठप पड़ गई है, वहीं नवजात शिशुओं की देखभाल सहित अन्य कार्य भी बंद हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंचायत मित्र सहित ग्राम पंचायत स्तर से विभिन्न कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यह कर्मी अब तब इस मुहिम से नहीं जुडे़े हैं, जबकि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को भी लगा दिया है।
करीब एक पखवारे से कर्मी आयुष्मान कार्ड बनाने में लिए जूझ रहे हैं। इसमें सफलता तो मिली है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। कारण यह है कि जहां कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर को प्रतिदिन वेलनेस सेंटर पर रहकर ओपीडी करनी है और ई-संजीवन आदि के जरिए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने हैं, लेकिन यह कार्य प्रभावित हो रहा है। आशा संगिनी को आयुष्मान कार्ड बनाने की शासन की गाइडलाइन से अलग रखा गया है, लेकिन इनसे भी आयुष्मान कार्ड बनवाए जा रहे हैं, जिससे गांवों में नवजात शिशुओं की देखभाल आदि के कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
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वहीं, जिले के छह ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन नहीं मिला है। जिससे उनके समक्ष यह संकट खड़ा हो गया है कि आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकता में आयुष्मान कार्ड है, इसलिए कर्मियों को लगाया गया है।
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- नवजात शिशुओं की देखभाल भी प्रभावित, मरीजों का नहीं हो रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए इस समय स्वास्थ्य महकमे का जोर है, लेकिन इस मुहिम में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता पीछे छूट गई है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जहां ओपीडी ठप पड़ गई है, वहीं नवजात शिशुओं की देखभाल सहित अन्य कार्य भी बंद हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंचायत मित्र सहित ग्राम पंचायत स्तर से विभिन्न कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यह कर्मी अब तब इस मुहिम से नहीं जुडे़े हैं, जबकि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को भी लगा दिया है।
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करीब एक पखवारे से कर्मी आयुष्मान कार्ड बनाने में लिए जूझ रहे हैं। इसमें सफलता तो मिली है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। कारण यह है कि जहां कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर को प्रतिदिन वेलनेस सेंटर पर रहकर ओपीडी करनी है और ई-संजीवन आदि के जरिए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने हैं, लेकिन यह कार्य प्रभावित हो रहा है। आशा संगिनी को आयुष्मान कार्ड बनाने की शासन की गाइडलाइन से अलग रखा गया है, लेकिन इनसे भी आयुष्मान कार्ड बनवाए जा रहे हैं, जिससे गांवों में नवजात शिशुओं की देखभाल आदि के कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
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वहीं, जिले के छह ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन नहीं मिला है। जिससे उनके समक्ष यह संकट खड़ा हो गया है कि आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकता में आयुष्मान कार्ड है, इसलिए कर्मियों को लगाया गया है।