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सामाजिक समरसता से ही भारत बनेगा विश्व गुरु : चंपत राय
Sun, 25 Jan 2026 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:01 AM IST
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गिरधरपुर में कार्यक्रम को संबोधित करते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के महासचि
- फोटो : संवाद
संतकबीरनगर। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के महासचिव चंपत राय शनिवार को मूल प्रकृति श्री राधा पीठ देवरहा बाबा नगर गिरधरपुर में आयोजित सनातन हिंदू रक्षा धर्म सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अच्छे आचरण, आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा, तभी भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा।
उन्होंने प्राचीन भारत की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज में चोरी नहीं होती थी और लोग संतोष व सुख के साथ जीवन यापन करते थे। वैसा ही सशक्त, संपन्न और सम्मानित समाज फिर से बने, यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संघ के विचारों को देश के लगभग छह लाख गांवों, लाखों वार्डों और मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए 100 से 500 लोगों के छोटे-छोटे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सनातन हिंदू रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य लगभग 100 वर्षों से निरंतर चल रहा है, जबकि देश की आज़ादी को अभी 100 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। संघ लंबे समय से हिंदू समाज को जागरूक, सक्रिय और संगठित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। ट्रस्ट की मंशा है कि मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से श्रीराम यंत्र की स्थापना कराई जाए। इस संबंध में राष्ट्रपति से दिल्ली में भेंट की गई है और उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति शीघ्र ही अयोध्या आएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के श्रमिकों, विभिन्न ठेकेदारों, वेंडर्स, अयोध्या के संत-महात्माओं तथा वर्ष 1984 से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े परिवारों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी को अयोध्या आमंत्रित कर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कराने की योजना है।
इस अवसर पर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वृंदावन दासाचार्य जी महाराज ने देश को सनातन हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देवरहा बाबा के आदेश पर राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान यह संकल्प लिया गया था और उसे पूर्ण करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। इसी उद्देश्य से सनातन हिंदू रक्षा वाहिनी का गठन किया गया है, जिसका शीघ्र विस्तार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मूल प्रकृति राधा पीठ की सुरक्षा की मांग भी दोहराई। इस दौरान जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी महाराज ने पंडित भवेश नारायण मिश्र को मूल प्रकृति राधा पीठ का उत्तराधिकारी घोषित किया। सम्मेलन के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कार्यक्रम में प्रधान मनजीत सिंह, परमात्मा तिवारी, सूरज सिंह, ग्राम प्रधान गिरधरपुर अब्दुल कलाम, राजेंद्र यादव, वीरेंद्र तिवारी, शत्रुघ्न यादव, शिवशंकर अग्रहरी आदि उपस्थित रहे।
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वीरेंद्र यादव
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उन्होंने प्राचीन भारत की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज में चोरी नहीं होती थी और लोग संतोष व सुख के साथ जीवन यापन करते थे। वैसा ही सशक्त, संपन्न और सम्मानित समाज फिर से बने, यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संघ के विचारों को देश के लगभग छह लाख गांवों, लाखों वार्डों और मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए 100 से 500 लोगों के छोटे-छोटे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सनातन हिंदू रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य लगभग 100 वर्षों से निरंतर चल रहा है, जबकि देश की आज़ादी को अभी 100 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। संघ लंबे समय से हिंदू समाज को जागरूक, सक्रिय और संगठित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। ट्रस्ट की मंशा है कि मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से श्रीराम यंत्र की स्थापना कराई जाए। इस संबंध में राष्ट्रपति से दिल्ली में भेंट की गई है और उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति शीघ्र ही अयोध्या आएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के श्रमिकों, विभिन्न ठेकेदारों, वेंडर्स, अयोध्या के संत-महात्माओं तथा वर्ष 1984 से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े परिवारों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी को अयोध्या आमंत्रित कर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कराने की योजना है।
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इस अवसर पर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वृंदावन दासाचार्य जी महाराज ने देश को सनातन हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देवरहा बाबा के आदेश पर राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान यह संकल्प लिया गया था और उसे पूर्ण करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। इसी उद्देश्य से सनातन हिंदू रक्षा वाहिनी का गठन किया गया है, जिसका शीघ्र विस्तार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मूल प्रकृति राधा पीठ की सुरक्षा की मांग भी दोहराई। इस दौरान जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी महाराज ने पंडित भवेश नारायण मिश्र को मूल प्रकृति राधा पीठ का उत्तराधिकारी घोषित किया। सम्मेलन के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कार्यक्रम में प्रधान मनजीत सिंह, परमात्मा तिवारी, सूरज सिंह, ग्राम प्रधान गिरधरपुर अब्दुल कलाम, राजेंद्र यादव, वीरेंद्र तिवारी, शत्रुघ्न यादव, शिवशंकर अग्रहरी आदि उपस्थित रहे।
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वीरेंद्र यादव