फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   only general treatment in government hospital

मेंहदावल के सरकारी अस्पताल में सिर्फ मरहम पट्टी ‘गंभीर’ इलाज नहीं

Sun, 08 May 2022 10:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 10:54 PM IST
विज्ञापन
only general treatment in government hospital
मेंहदावल के सरकारी अस्पताल में सिर्फ मरहम पट्टी ‘गंभीर’ इलाज नहीं
विज्ञापन

यहां पर दुर्घटना में आने वाले घायलों को मरहम पट्टी कर रेफर कर दिया जाता है
- तीन लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा इसी अस्पताल पर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। एनएच 28 से महज 50 मीटर अंदर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल इस समय रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। यहां न तो आवश्यकता अनुसार वार्ड ब्वाय की संख्या हैं और न ही मानक के अनुसार कोई चिकित्सकीय सुविधाएं। यही वजह हैं कि सड़क हादसे व अन्य घटनाओं में पीड़ित को सिर्फ मरहम पट्टी कर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में इलाज की सुविधा बेहतर न होने के कारण 24 किलो मीटर दूर जिला अस्पताल तक पहुंचने में कई घायलों को अपनी जान गवानी पड़ती है। यहां दो महीने में 40 से अधिक गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों व घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया जा चुका है। हालत यह है कि मामूली फ्रैक्चर व चोट होने पर भी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
मेंहदावल क्षेत्र की लगभग तीन लाख की आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। मानक के अनुसार सीएचसी पर करीब 12 डॉक्टर होने चाहिए। जबकि यहां मौजूदा समय में 10 चिकित्सक तैनात हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ आरडी गौरव बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसी के साथ ही डॉ. लोकेश त्रिपाठी गाईनी, डॉ. शिप्रा सिंह गाईनी समेत अन्य चिकित्सक एमबीबीएस हैं। यहां जनरल फिजिशियन व जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सक कई सालों से उपलब्ध नही हैं। नसबंदी व डिलेवरी से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा है। ओटी की व्यवस्था बेहतर है। ऑक्सीजन प्लांट भी है। साधारण खांसी, बुखार, बदन दर्द, उल्टी दस्त की दवा भी मिल जाती है। सीएचसी में 29 एएनएम, 161 आशा तैनात हैं, इसलिए टीकाकरण की व्यवस्था मजबूत है। सीएचसी में कुल 97 राजस्व गांव दर्ज हैं। सीएचसी तीस बेड का वार्ड भी बना हैं। जहां उल्टी दस्त जैसी बीमारियों से संबंधित रोगी भर्ती भी किए जाते हैं।
विज्ञापन

-केस एक
27 अप्रैल को ग्राम पंचायत डडियाकलां निवासी 57 वर्षीय रामकिशुन सड़क हादसे में घायल हो गए थे। सीएचसी मेंहदावल पर लाया गया तो केवल प्राथमिक उपचार हो पाया। चिकित्सकों ने उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

- केस दो
27 अप्रैल को डडिया गांव निवासी 40 वर्षीय शिव प्रकाश हादसे में घायल हो गए। उन्हें लादकर सीएचसी लाया गया, जहां मरहम पट्टी के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
-केस तीन
तीन मई को ग्राम किठुरी थाना बेलहरकलां निवासी 13 वर्षीय दुर्गेश दुर्घटना में घायल हो गए थे। जिन्हें परिजन इलाज के लिए सीएचसी लाए। यहां साधारण इलाज करने के बाद चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।

सीएचसी नाथनगर में यह सुविधा नहीं
- एक्सरे मशीन उपलब्ध नहीं है, ईसीजी की सुविधा नहीं है।
- एनएसथिसिया, एनालाइजर उपलब्ध नहीं है।
- हड्डी फ्रैक्चर से संबंधित इलाज उपलब्ध नहीं है।
- फिजिशियन, एमडी, जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ (प्रसूता विशेषज्ञ) निश्चेतना विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ नहीं है।
दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचानी पहली प्राथमिकता है, जो गंभीर रूप से घायल होते हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्तर पर संभव नही हैं। ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार करने के बाद रेफर कर दिया जाता है। हड्डी, फ्रैक्चर संबंधी मरीजों को भी रेफर किया जाता है। सीएचसी में हड्डी रोग से संबंधित कोई चिकित्सक नही हैं। गंभीर बीमारियों की प्रकृति देखकर उन मरीजों के इलाज की व्यवस्था सीएचसी पर न होने से रेफर करना पड़ता है।
-डॉ. आरडी गौरव अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed