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Sant Kabir Nagar News: एनएचएआई नहीं, रेलवे देगा मुआवजा, खलीलाबाद-बांसी रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार
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मलोरना में चल रहा रेल परियोजना का काम। अमर उजाला
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बांसी रेल परियोजना में किसानों को मुआवजे का भुगतान रेलवे प्रशासन करेगा। इससे अब काम में तेजी आएगी। रेल परियोजना में बस्ती हाईवे के मलोरना में ओवरब्रिज व सर्विस लेन का काम कराया जा रहा है। इसमें अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का किसान मुआवजा मांग रहे थे। पिछले महीने जिला प्रशासन की हुई बैठक के बाद मुआवजे के काम में तेजी आई है।
खलीलाबाद-बांसी रेल परियोजना के तहत प्रथम चरण में जिला मुख्यालय से बांसी तक काम शुरू है। इस कार्य को साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी के तहत मलोरना में रेलवे की तरफ से ओवरब्रिज बनाया जाना है। पुल निर्माण के समय वाहनों का आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए सर्विस रोड बनाई जा रही है। इसके लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का किसान मुआवजा मांग रहे थे।
यह मामला काफी दिनों तक फंसा रहा, अब सुलझ गया है। रेलवे किसानों को मुआवजा देने को तैयार हो गया है। पहले यह मुआवजा एनएचएआई को देना था। वहीं खलीलाबाद तहसील प्रशासन के मुताबिक किसानों से दस्तावेज लेकर भुगतान किया जा रहा है। सर्विस रोड का काम धीमा होने से पुल निर्माण का समय बढ़ता जा रहा था। अब काम तेजी आई है।
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दरअसल एनएचएआई ने जिस जमीन को अपना बताकर फाइल रेलवे को सौंपी थी, उस पर स्थानीय किसान अपना मालिकाना हक होने का दावा कर रहे थे। खलीलाबाद-बस्ती लेन पर कई जगहों पर पेड़ काटने का काम भी रुका था। किसान अपनी जमीन का मुआवजा मांग रहे थे।
मलोरना में साइट इंचार्ज सत्तार अली का कहना है कि किसानों के मुआवजे का भुगतान रेलवे प्रशासन करेगा। करीब आठ सौ मीटर दायरे की भूमि का मुआवजा भुगतान किया जाना है।
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कोट,
किसानों से दस्तावेज लेकर उनके मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। मलोरना में काम सुचारू रूप से चल रहा है।
-हृदय राम त्रिपाठी, एसडीएम खलीलाबाद
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मलोरना में सड़क के नीचे अंडरपास का काम पूरा
खलीलाबाद से नई रेल लाइन बहराइच तक बनाई जाएगी। प्रथम चरण में बांसी तक 54 किलोमीटर की दूरी में काम कराया जा रहा है। मलोरना में अंडरपास का काम पूरा हो गया है। वहीं बखिरा-सांथा में पटरी बिछाने के लिए मिट्टी पटाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। गौरा गांव में रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है।
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मिट्टी खनन पर रोक, 11 दिन से काम ठप
मेंहदावल। मिट्टी खनन पर रोक लगने के कारण रेल परियोजना का कार्य ठप पड़ गया है। उपजिलाधिकारी ने तालाब से मिट्टी खनन पर रोक लगा दी है। तहसील क्षेत्र के परसा पांडेय ग्राम पंचायत में काम चल रहा है। इस गांव से होते हुए यह रेल लाइन भैंसा माफी होते हुए साथा ब्लॉक के करमा होते हुए सिद्धार्थनगर जनपद में जाएगी। करीब 11 दिनों से इस रेल परियोजना का कार्य मिट्टी के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। परसा पांडेय गांव के पास स्थित तालाब से कार्यदायी संस्था डीपीएस प्राइवेट लिमिटेड रायबरेली खनन विभाग की अनुमति के बाद मिट्टी खनन कराकर समतलीकरण व मिट्टी पटान का कार्य कर रही थी। खनन विभाग से मिट्टी निकालने की जितनी अनुमति मिली थी उतनी मिट्टी संस्था निकाल चुकी है। उससे अधिक खनन करने पर एसडीएम मेंहदावल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया। तब से कार्य बंद पड़ा हुआ है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर मिट्टी खनन के लिए अनुमति लेने में जुटे हुए हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार मिश्रा खनन विभाग से लेकर जिला अधिकारी कार्यालय तक मिट्टी खनन का आदेश लेने के लिए लगे हैं, लेकिन अभी अनुमति नहीं प्राप्त हुई है। एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि कार्यदायी संस्था को खनन विभाग से मिट्टी निकालने की जितने घनमीटर का आदेश मिला था उतनी तालाब से निकल चुकी है। अब बिना अनुमति के मिट्टी निकलना चाहती थी, जिस पर रोक लगाई गई है। यदि खनन विभाग से मिट्टी खनन की अनुमति कार्यदायी संस्था को मिलेगी तो वह मिट्टी निकाल सकते हैं। बिना अनुमति के मिट्टी खनन पर रोक लगाया गया है।
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खलीलाबाद-बांसी रेल परियोजना के तहत प्रथम चरण में जिला मुख्यालय से बांसी तक काम शुरू है। इस कार्य को साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी के तहत मलोरना में रेलवे की तरफ से ओवरब्रिज बनाया जाना है। पुल निर्माण के समय वाहनों का आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए सर्विस रोड बनाई जा रही है। इसके लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का किसान मुआवजा मांग रहे थे।
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यह मामला काफी दिनों तक फंसा रहा, अब सुलझ गया है। रेलवे किसानों को मुआवजा देने को तैयार हो गया है। पहले यह मुआवजा एनएचएआई को देना था। वहीं खलीलाबाद तहसील प्रशासन के मुताबिक किसानों से दस्तावेज लेकर भुगतान किया जा रहा है। सर्विस रोड का काम धीमा होने से पुल निर्माण का समय बढ़ता जा रहा था। अब काम तेजी आई है।
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दरअसल एनएचएआई ने जिस जमीन को अपना बताकर फाइल रेलवे को सौंपी थी, उस पर स्थानीय किसान अपना मालिकाना हक होने का दावा कर रहे थे। खलीलाबाद-बस्ती लेन पर कई जगहों पर पेड़ काटने का काम भी रुका था। किसान अपनी जमीन का मुआवजा मांग रहे थे।
मलोरना में साइट इंचार्ज सत्तार अली का कहना है कि किसानों के मुआवजे का भुगतान रेलवे प्रशासन करेगा। करीब आठ सौ मीटर दायरे की भूमि का मुआवजा भुगतान किया जाना है।
कोट,
किसानों से दस्तावेज लेकर उनके मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। मलोरना में काम सुचारू रूप से चल रहा है।
-हृदय राम त्रिपाठी, एसडीएम खलीलाबाद
मलोरना में सड़क के नीचे अंडरपास का काम पूरा
खलीलाबाद से नई रेल लाइन बहराइच तक बनाई जाएगी। प्रथम चरण में बांसी तक 54 किलोमीटर की दूरी में काम कराया जा रहा है। मलोरना में अंडरपास का काम पूरा हो गया है। वहीं बखिरा-सांथा में पटरी बिछाने के लिए मिट्टी पटाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। गौरा गांव में रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है।
मिट्टी खनन पर रोक, 11 दिन से काम ठप
मेंहदावल। मिट्टी खनन पर रोक लगने के कारण रेल परियोजना का कार्य ठप पड़ गया है। उपजिलाधिकारी ने तालाब से मिट्टी खनन पर रोक लगा दी है। तहसील क्षेत्र के परसा पांडेय ग्राम पंचायत में काम चल रहा है। इस गांव से होते हुए यह रेल लाइन भैंसा माफी होते हुए साथा ब्लॉक के करमा होते हुए सिद्धार्थनगर जनपद में जाएगी। करीब 11 दिनों से इस रेल परियोजना का कार्य मिट्टी के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। परसा पांडेय गांव के पास स्थित तालाब से कार्यदायी संस्था डीपीएस प्राइवेट लिमिटेड रायबरेली खनन विभाग की अनुमति के बाद मिट्टी खनन कराकर समतलीकरण व मिट्टी पटान का कार्य कर रही थी। खनन विभाग से मिट्टी निकालने की जितनी अनुमति मिली थी उतनी मिट्टी संस्था निकाल चुकी है। उससे अधिक खनन करने पर एसडीएम मेंहदावल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया। तब से कार्य बंद पड़ा हुआ है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर मिट्टी खनन के लिए अनुमति लेने में जुटे हुए हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार मिश्रा खनन विभाग से लेकर जिला अधिकारी कार्यालय तक मिट्टी खनन का आदेश लेने के लिए लगे हैं, लेकिन अभी अनुमति नहीं प्राप्त हुई है। एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि कार्यदायी संस्था को खनन विभाग से मिट्टी निकालने की जितने घनमीटर का आदेश मिला था उतनी तालाब से निकल चुकी है। अब बिना अनुमति के मिट्टी निकलना चाहती थी, जिस पर रोक लगाई गई है। यदि खनन विभाग से मिट्टी खनन की अनुमति कार्यदायी संस्था को मिलेगी तो वह मिट्टी निकाल सकते हैं। बिना अनुमति के मिट्टी खनन पर रोक लगाया गया है।