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Sant Kabir Nagar News: सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं, निजी अस्पतालों में जाना मजबूरी
Sat, 16 Nov 2024 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:29 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। सीएचसी सेमरियावां पर एक बड़े आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में हड्डी रोग, नाक कान और गले का इलाज नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में हड्डी रोग और ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के मरीज निजी अस्पतालों में महंगे इलाज कराने को मजबूर हैं।
सीएचसी सेमरियावां पर लगभग पांच लाख की आबादी की इलाज की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन अस्पताल पर अरसे से हड्डी, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती नहीं है। दुर्घटना में घायल मरीजों को मजबूरन अस्पताल पहुंचने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। आपातकालीन व्यवस्था में मरीजों को त्वरित उपचार न मिलने के चलते उनकी जान पर बन जाती है।
सीएचसी सेमरियावां के अलावां पीएचसी दानोकुइयां व बूधा अस्पताल संचालित हैं, लेकिन ये अस्पताल हड्डी समेत अन्य मरीजों के मरीजों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में मरीज अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। अस्पताल पर प्रतिदिन लगभग 50 हड्डी के, 15 नाक, कान व गले के मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के चलते क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिससे मजबूरन मरीज ऐसे अस्पतालों में पहुंचकर जान जोखिम में डालते हैं और मनमानी तरीके से इलाज का खर्च भी वहन करते हैं। क्षेत्र के इरशाद अहमद, इजहार अहमद, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, अबूजर चौधरी आदि ने बताया कि बीएमसीटी मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटना होती रहती है।
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सेमरियावां। सीएचसी सेमरियावां पर एक बड़े आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में हड्डी रोग, नाक कान और गले का इलाज नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में हड्डी रोग और ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के मरीज निजी अस्पतालों में महंगे इलाज कराने को मजबूर हैं।
सीएचसी सेमरियावां पर लगभग पांच लाख की आबादी की इलाज की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन अस्पताल पर अरसे से हड्डी, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती नहीं है। दुर्घटना में घायल मरीजों को मजबूरन अस्पताल पहुंचने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। आपातकालीन व्यवस्था में मरीजों को त्वरित उपचार न मिलने के चलते उनकी जान पर बन जाती है।
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सीएचसी सेमरियावां के अलावां पीएचसी दानोकुइयां व बूधा अस्पताल संचालित हैं, लेकिन ये अस्पताल हड्डी समेत अन्य मरीजों के मरीजों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में मरीज अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। अस्पताल पर प्रतिदिन लगभग 50 हड्डी के, 15 नाक, कान व गले के मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के चलते क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिससे मजबूरन मरीज ऐसे अस्पतालों में पहुंचकर जान जोखिम में डालते हैं और मनमानी तरीके से इलाज का खर्च भी वहन करते हैं। क्षेत्र के इरशाद अहमद, इजहार अहमद, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, अबूजर चौधरी आदि ने बताया कि बीएमसीटी मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटना होती रहती है।