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Sant Kabir Nagar News: एच3एन2 वायरस की जांच की सुविधा नहीं
Sun, 12 Mar 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 12 Mar 2023 11:54 PM IST
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बाजारो में लगी रही भीड़।संवाद
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में बनेगा 50 बेड का वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना महामारी से मिलते-जुलते लक्षण वाली एक और बीमारी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एच3 एन2 वायरस से होने वाली इन्फ्लूएंजा वायरस से देश में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य अस्पतालों में एच3 एन2 वायरस की जांच की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से खुद सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।
प्रदेश में अब तक इस बीमारी का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा है। शासन के निर्देश के बाद जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए 20 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है। लोगों से मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। जिले में जिला अस्पताल, सात सामुदायिक और 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सभी केंद्रों को सतर्कता बरतने के निर्देश सीएमओ के स्तर से दिए गए हैं।
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सामान्य दवाएं ही उपलब्ध
इन्फ्लूएंजा से लड़ने के लिए सामान्य दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं, जिसमें खासी सर्दी, जुकाम, बुखार आदि बीमारी शामिल हैं। इसके लिए किट की कोई व्यवस्था नहीं है। सीएमओ के अनुसार शासन से ही गाइड लाइन आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
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एच3 एन2 वायरस के लक्षण
ठंड लगना, खांसी, बुखार, जी मिचलाना, उल्टी करना, गले में दर्द, गले में खराश, मांसपेशियों और शरीर में दर्द, दस्त, छींक आना और नाक बहना एच3 एन2 के लक्षण हैंं। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने या किसी संक्रमित व्यक्ति से बात करने पर निकलने वाली बूंदों के जरिये फैल सकता है। यह तब भी फैल सकता है जब कोई किसी ऐसी सतह के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह या नाक को छूता है जिस पर वायरस होता है।
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कैसे करें बचाव
-भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का प्रयोग करें।
- अपने हाथों को समय-समय पर साबुन और पानी से धोएं।
- मुंह या नाक को न छुएं।
- खूब सारे तरल पदार्थ पीकर हाइड्रेट रहें।
- छींकने और खांसने पर अपने मुंह और नाक को पर्याप्त रूप से ढक लें।
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कोट
जिले में इन्फ्लूएंजा का कोई मरीज नहीं है। शासन से गाइडलाइन नहीं आई है। जिले स्तर पर इससे बचाव की तैयारी है। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मरीज का इलाज करें। शासन से गाइड लाइन आने पर अस्पतालों में तत्काल वार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल लोग मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। इस बीमारी की सामान्य दवाएं उपलब्ध हैं। लोग कोविड गाइडलाइन का पालन कर इस बीमारी से बच सकते हैं।
-डॉ. अनिरूद्ध सिंह, सीएमओ
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संतकबीरनगर। कोरोना महामारी से मिलते-जुलते लक्षण वाली एक और बीमारी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एच3 एन2 वायरस से होने वाली इन्फ्लूएंजा वायरस से देश में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य अस्पतालों में एच3 एन2 वायरस की जांच की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से खुद सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।
प्रदेश में अब तक इस बीमारी का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा है। शासन के निर्देश के बाद जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए 20 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है। लोगों से मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। जिले में जिला अस्पताल, सात सामुदायिक और 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सभी केंद्रों को सतर्कता बरतने के निर्देश सीएमओ के स्तर से दिए गए हैं।
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सामान्य दवाएं ही उपलब्ध
इन्फ्लूएंजा से लड़ने के लिए सामान्य दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं, जिसमें खासी सर्दी, जुकाम, बुखार आदि बीमारी शामिल हैं। इसके लिए किट की कोई व्यवस्था नहीं है। सीएमओ के अनुसार शासन से ही गाइड लाइन आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
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एच3 एन2 वायरस के लक्षण
ठंड लगना, खांसी, बुखार, जी मिचलाना, उल्टी करना, गले में दर्द, गले में खराश, मांसपेशियों और शरीर में दर्द, दस्त, छींक आना और नाक बहना एच3 एन2 के लक्षण हैंं। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने या किसी संक्रमित व्यक्ति से बात करने पर निकलने वाली बूंदों के जरिये फैल सकता है। यह तब भी फैल सकता है जब कोई किसी ऐसी सतह के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह या नाक को छूता है जिस पर वायरस होता है।
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कैसे करें बचाव
-भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का प्रयोग करें।
- अपने हाथों को समय-समय पर साबुन और पानी से धोएं।
- मुंह या नाक को न छुएं।
- खूब सारे तरल पदार्थ पीकर हाइड्रेट रहें।
- छींकने और खांसने पर अपने मुंह और नाक को पर्याप्त रूप से ढक लें।
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कोट
जिले में इन्फ्लूएंजा का कोई मरीज नहीं है। शासन से गाइडलाइन नहीं आई है। जिले स्तर पर इससे बचाव की तैयारी है। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मरीज का इलाज करें। शासन से गाइड लाइन आने पर अस्पतालों में तत्काल वार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल लोग मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। इस बीमारी की सामान्य दवाएं उपलब्ध हैं। लोग कोविड गाइडलाइन का पालन कर इस बीमारी से बच सकते हैं।
-डॉ. अनिरूद्ध सिंह, सीएमओ