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Sant Kabir Nagar News: बजट नहीं...ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण अधूरा
Sat, 08 Feb 2025 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 08 Feb 2025 11:22 PM IST
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- हैंसर ब्लाॅक के सिरसी में बनाया जा रहा है ग्रामीण स्टेडियम
- खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा उचित प्लेटफॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर ब्लाॅक के सिरसी में चार करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण बजट के अभाव में निर्धारित समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है। लगभग दस बीघे में तैयार होने वाले स्टेडियम की बाउंड्रीवाॅल बन कर है। वहीं स्टेडियम के हाॅल का 75 फीसदी हिस्से का निर्माण अधर में लटका है। बजट न होने के चलते निर्माण की गति धीमी पड़ गई है।
अगस्त 2024 में सिरसी में ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी संघ लिमिटेड बस्ती को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। विधायक गणेश चंद चौहान व ब्लाॅक प्रमुख कालिंदी चौहान ने ग्रामीण स्टेडियम का शिलान्यास किया। शुरुआत में ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण की गति में तेजी देखी गई। स्टेडियम में बाउंड्रीवाॅल का निर्माण करीब पूरा कर लिया गया। लेकिन, स्टेडियम का सेंट्रल हाॅल के 75 प्रतिशत हिस्से का निर्माण किया जाना शेष है। वहीं स्टेडियम का मैदान भी बनाया नहीं जा सका है।
एक वर्ष में तैयार किए जाने का है लक्ष्य
ग्रामीण स्टेडियम को एक वर्ष में तैयार किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सात माह से चल रहे ग्रामीण स्टेडियम के शुरुआती निर्माण कार्य में तेजी देखी गई। लेकिन, इस बीच बजट न होने के चलते निर्माण कार्य की रफ्तार थम गई। इसके चलते स्टेडियम का समय पर निर्माण कार्य चुनौती बन गया है।
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खेल प्रतिभाओं को होना पड़ रहा मायूस
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभागियों को स्टेडियम के निर्माण में विलंब पर मायूस होना पड़ रहा है। क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। क्षेत्र के खेल प्रतिभागी अमरजीत, राकेश यादव, हरिराम यादव, संजय यादव ने बताया कि क्षेत्र में खेल संसाधन के अभाव और उचित प्लेटफाॅर्म ना मिलने के कारण उनका विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पहले गांव में कबड्डी, कुश्ती, खो खो जैसे खेल हुआ करते थे। लेकिन, संसाधनों के अभाव में खेल प्रतिभागियों की प्रतिभा दबी रह गई। कहा कि युवा पीढ़ी के लिए खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास का माध्यम बन सकता है। स्टेडियम बनने से क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबाल, फुटबाल, कबड्डी, खो खो खेलने वाले प्रतिभागियों का विकास संभव है।
बजट का अभाव है। धन आते ही स्टेडियम का निर्माण कार्य जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण के लिए दूसरी किस्त का इंतजार है।
- विनीत कुमार मिश्र, जेई, उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी संघ लिमिटेड बस्ती
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- खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा उचित प्लेटफॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर ब्लाॅक के सिरसी में चार करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण बजट के अभाव में निर्धारित समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है। लगभग दस बीघे में तैयार होने वाले स्टेडियम की बाउंड्रीवाॅल बन कर है। वहीं स्टेडियम के हाॅल का 75 फीसदी हिस्से का निर्माण अधर में लटका है। बजट न होने के चलते निर्माण की गति धीमी पड़ गई है।
अगस्त 2024 में सिरसी में ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी संघ लिमिटेड बस्ती को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। विधायक गणेश चंद चौहान व ब्लाॅक प्रमुख कालिंदी चौहान ने ग्रामीण स्टेडियम का शिलान्यास किया। शुरुआत में ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण की गति में तेजी देखी गई। स्टेडियम में बाउंड्रीवाॅल का निर्माण करीब पूरा कर लिया गया। लेकिन, स्टेडियम का सेंट्रल हाॅल के 75 प्रतिशत हिस्से का निर्माण किया जाना शेष है। वहीं स्टेडियम का मैदान भी बनाया नहीं जा सका है।
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एक वर्ष में तैयार किए जाने का है लक्ष्य
ग्रामीण स्टेडियम को एक वर्ष में तैयार किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सात माह से चल रहे ग्रामीण स्टेडियम के शुरुआती निर्माण कार्य में तेजी देखी गई। लेकिन, इस बीच बजट न होने के चलते निर्माण कार्य की रफ्तार थम गई। इसके चलते स्टेडियम का समय पर निर्माण कार्य चुनौती बन गया है।
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खेल प्रतिभाओं को होना पड़ रहा मायूस
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभागियों को स्टेडियम के निर्माण में विलंब पर मायूस होना पड़ रहा है। क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। क्षेत्र के खेल प्रतिभागी अमरजीत, राकेश यादव, हरिराम यादव, संजय यादव ने बताया कि क्षेत्र में खेल संसाधन के अभाव और उचित प्लेटफाॅर्म ना मिलने के कारण उनका विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पहले गांव में कबड्डी, कुश्ती, खो खो जैसे खेल हुआ करते थे। लेकिन, संसाधनों के अभाव में खेल प्रतिभागियों की प्रतिभा दबी रह गई। कहा कि युवा पीढ़ी के लिए खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास का माध्यम बन सकता है। स्टेडियम बनने से क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबाल, फुटबाल, कबड्डी, खो खो खेलने वाले प्रतिभागियों का विकास संभव है।
बजट का अभाव है। धन आते ही स्टेडियम का निर्माण कार्य जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण के लिए दूसरी किस्त का इंतजार है।
- विनीत कुमार मिश्र, जेई, उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी संघ लिमिटेड बस्ती