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Sant Kabir Nagar News: गौरैया बचाओ अभियान में घोंसला निर्माण कर किया वितरण
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संतकबीरनगर। उच्च प्राथमिक विद्यालय गिरधरपुर एवं राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिरधरपुर में बुधवार को गौरैया बचाओ अभियान के तहत घोंसला निर्माण वितरण एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों, शिक्षकों और जन समुदाय के द्वारा वेस्ट मटेरियल से शून्य निवेश के द्वारा गौरैया के ब्रीडिंग के लिए घोंसला का निर्माण किया गया तथा जनसाधारण में वितरित किया गया।
क्षेत्रीय वन अधिकारी इंद्रभान सोनकर ने कहा कि गौरैया की संख्या में निरंतर हो रही कमी को देखते हुए इस तरह के कार्यक्रम तथा घोंसला निर्माण एवं वितरण कार्यक्रम को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है, जिससे गौरैया की संख्या में वृद्धि हो सके।
आयोजक व्योम के संस्थापक एवं सूत्रधार चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि प्रकृति का प्रत्येक अवयव इस धरती पर मनुष्य के साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं के अस्तित्व को बचाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। गौरैया पक्षी का ब्रीडिंग सीजन सितंबर तक चलता है, जिसमें वह अनुकूल स्थान पाने पर अंडे देती है और अपनी संख्या में वृद्धि करती है।
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गौरैया का विलुप्त होना पारिस्थितिक असंतुलन का संकेत है। इस कार्यक्रम के तहत कुल 115 घोंसला का निर्माण कर वितरण किया गया। यह घोंसला गौरैया के अंडे देने के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएगा और पूरे सीजन में गौरैया की संख्या में वृद्धि होगी। विलुप्त हो रहे प्रकृति के इस छोटे से पक्षी को बचा पाने में सफल होंगे।
इस दौरान अध्यक्ष सुधा मिश्रा, सोनाक्षी, कनिष्का, अदिति, अंशिका, पारसनाथ, नीलम राय, सारिका यादव, पूनम, नीतू सिंह, मंदाकिनी त्रिपाठी, माहेरा खातून, आनंद पांडेय, सुमन यादव आदि मौजूद रहे।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी इंद्रभान सोनकर ने कहा कि गौरैया की संख्या में निरंतर हो रही कमी को देखते हुए इस तरह के कार्यक्रम तथा घोंसला निर्माण एवं वितरण कार्यक्रम को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है, जिससे गौरैया की संख्या में वृद्धि हो सके।
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आयोजक व्योम के संस्थापक एवं सूत्रधार चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि प्रकृति का प्रत्येक अवयव इस धरती पर मनुष्य के साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं के अस्तित्व को बचाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। गौरैया पक्षी का ब्रीडिंग सीजन सितंबर तक चलता है, जिसमें वह अनुकूल स्थान पाने पर अंडे देती है और अपनी संख्या में वृद्धि करती है।
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गौरैया का विलुप्त होना पारिस्थितिक असंतुलन का संकेत है। इस कार्यक्रम के तहत कुल 115 घोंसला का निर्माण कर वितरण किया गया। यह घोंसला गौरैया के अंडे देने के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएगा और पूरे सीजन में गौरैया की संख्या में वृद्धि होगी। विलुप्त हो रहे प्रकृति के इस छोटे से पक्षी को बचा पाने में सफल होंगे।
इस दौरान अध्यक्ष सुधा मिश्रा, सोनाक्षी, कनिष्का, अदिति, अंशिका, पारसनाथ, नीलम राय, सारिका यादव, पूनम, नीतू सिंह, मंदाकिनी त्रिपाठी, माहेरा खातून, आनंद पांडेय, सुमन यादव आदि मौजूद रहे।