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Sant Kabir Nagar News: न लाइसेंस न अनुमति, फिर भी जमा कर रहे थे पटाखा
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- पटाखा से संबंधित पुलिस को नही मिला कोई वैध दस्तावेज
- जिले के साथ ही गोरखपुर में खपाने की थी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दशहरा व दिवाली पर बिक्री के लिए बिना लाइसेंस व अनुमति के पटाखा जमा किया जा रहा था। कोतवाली व एसओजी पुलिस टीम ने देर रात मेंहदावल बाईपास के पास बड़ी मात्रा में पटाखा बरामद किया, जिसे टीम पुलिस लाइन मैदान पर ले गई। पटाखा से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पुलिस को नहीं मिले। बरामद पटाखा जिले के साथ ही गोरखपुर जनपद में खपाने का मामला सामने आया।
जानकारों की मानें तो जनपद में आठ पटाखा बिक्री के लाइसेंसी होल्डर हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है, और चार लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे हैं। फायर सर्विस की मानें तो बखिरा व मगहर में सिर्फ दो लाइसेंसधारी ही सक्रिय हैं। जिले में पटाखा स्टोर करने के लिए कोई अनुमति जिला प्रशासन की तरफ से भी नहीं जारी की गई है। वहीं तीन दिन पूर्व सीओ सिटी ने खलीलाबाद शहर में जांच की तो पाया कि जो भी लाइसेंसी हैं उनका लाइसेंस समाप्त हो गया है। उन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं कराया है। वहीं दिवाली पर पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित मानक व नियम पूरा करने के बाद दो दिन के लिए पटाखा बिक्री का लाइसेंस जारी किया जाता है। दीपावली का त्योहार अभी 20 दिन बाद है। इसके बाद भी बीच शहर में आबादी के मध्य इतने बड़े पैमाने पर पटाखा जमा किया जाना अपने आपमें हर किसी को अचंभित कर रहा है। हालांकि पुलिस की सक्रियता से लगभग 58 कुंतल पटाखा कीमत 60 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत का रामद हुआ और पुलिस ने मामले में गोरखपुर व जिले के ट्रांसपोर्टर समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्जकर कानूनी कार्रवाई शुरु कर दी।
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- जिले के साथ ही गोरखपुर में खपाने की थी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दशहरा व दिवाली पर बिक्री के लिए बिना लाइसेंस व अनुमति के पटाखा जमा किया जा रहा था। कोतवाली व एसओजी पुलिस टीम ने देर रात मेंहदावल बाईपास के पास बड़ी मात्रा में पटाखा बरामद किया, जिसे टीम पुलिस लाइन मैदान पर ले गई। पटाखा से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पुलिस को नहीं मिले। बरामद पटाखा जिले के साथ ही गोरखपुर जनपद में खपाने का मामला सामने आया।
जानकारों की मानें तो जनपद में आठ पटाखा बिक्री के लाइसेंसी होल्डर हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है, और चार लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे हैं। फायर सर्विस की मानें तो बखिरा व मगहर में सिर्फ दो लाइसेंसधारी ही सक्रिय हैं। जिले में पटाखा स्टोर करने के लिए कोई अनुमति जिला प्रशासन की तरफ से भी नहीं जारी की गई है। वहीं तीन दिन पूर्व सीओ सिटी ने खलीलाबाद शहर में जांच की तो पाया कि जो भी लाइसेंसी हैं उनका लाइसेंस समाप्त हो गया है। उन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं कराया है। वहीं दिवाली पर पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित मानक व नियम पूरा करने के बाद दो दिन के लिए पटाखा बिक्री का लाइसेंस जारी किया जाता है। दीपावली का त्योहार अभी 20 दिन बाद है। इसके बाद भी बीच शहर में आबादी के मध्य इतने बड़े पैमाने पर पटाखा जमा किया जाना अपने आपमें हर किसी को अचंभित कर रहा है। हालांकि पुलिस की सक्रियता से लगभग 58 कुंतल पटाखा कीमत 60 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत का रामद हुआ और पुलिस ने मामले में गोरखपुर व जिले के ट्रांसपोर्टर समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्जकर कानूनी कार्रवाई शुरु कर दी।
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