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Sant Kabir Nagar News: गर्भावस्था की लापरवाही नवजातों की सेहत पर भारी
Sat, 19 Oct 2024 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 19 Oct 2024 11:13 PM IST
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- मां में पोषक तत्वों की कमी की वजह से बच्चे जन्म के साथ हो रहे हैं कुपोषण के शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गर्भावस्था में मां की लापरवाही नवजातों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बच्चे जन्म के साथ कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। उनका वजन मानक से कम निकल रहा है। इसके चलते उन्हें जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी पाल ने बताया कि जन्म के समय शिशु का सामान्य वजन 25 से 35 किलो के बीच होना चाहिए। इतने वजन के साथ पैदा होने वाला बच्चा स्वस्थ बच्चा कहलाता है। पूरी तरह से स्वस्थ पैदा होने वाले बच्चे में बीमारी फैलने का खतरा भी कम रहता है। यदि बच्चे का वजन 25 किलो से कम होता है, तो ऐसा बच्चा अस्वस्थ बच्चे की श्रेणी में आता है, और उसे तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। यदि बच्चे का वजन एक किलो से कम होता है तो वह अत्यंत कुपोषित श्रेणी में आता है।
इस तरह के सप्ताह में दो से तीन बच्चे एसएनसीयू में भर्ती होते हैं। अधिकतर बच्चों में कम वजन की समस्या महिलाओं के गर्भावस्था में पर्याप्त पोषक तत्व न लेने से आती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करे, जिससे इसका असर बच्चों पर न पड़े।
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ये हैं कारण
- समय से पहले बच्चे का जन्म होना
- गर्भावस्था में मां का पर्याप्त पोषण न लेना
- गर्भावस्था में मां द्वारा नियमित चेकअप न कराना
- गर्भावस्था के दौरान मां का नशीले पदार्थ का सेवन करना
ये हो सकती हैं दिक्कतें
- जन्म के समय ऑक्सीजन लेवल कम होना
- शरीर का तापमान बनाए रखने में असमर्थ
- बच्चे में इंफेक्शन होने का खतरा
- बच्चे का मां का दूध पीने में असमर्थ होना
- पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं आ जाना
- सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा होना
- आकस्मिक मृत्यु का खतरा होना
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गर्भावस्था में मां की लापरवाही नवजातों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बच्चे जन्म के साथ कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। उनका वजन मानक से कम निकल रहा है। इसके चलते उन्हें जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी पाल ने बताया कि जन्म के समय शिशु का सामान्य वजन 25 से 35 किलो के बीच होना चाहिए। इतने वजन के साथ पैदा होने वाला बच्चा स्वस्थ बच्चा कहलाता है। पूरी तरह से स्वस्थ पैदा होने वाले बच्चे में बीमारी फैलने का खतरा भी कम रहता है। यदि बच्चे का वजन 25 किलो से कम होता है, तो ऐसा बच्चा अस्वस्थ बच्चे की श्रेणी में आता है, और उसे तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। यदि बच्चे का वजन एक किलो से कम होता है तो वह अत्यंत कुपोषित श्रेणी में आता है।
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इस तरह के सप्ताह में दो से तीन बच्चे एसएनसीयू में भर्ती होते हैं। अधिकतर बच्चों में कम वजन की समस्या महिलाओं के गर्भावस्था में पर्याप्त पोषक तत्व न लेने से आती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करे, जिससे इसका असर बच्चों पर न पड़े।
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ये हैं कारण
- समय से पहले बच्चे का जन्म होना
- गर्भावस्था में मां का पर्याप्त पोषण न लेना
- गर्भावस्था में मां द्वारा नियमित चेकअप न कराना
- गर्भावस्था के दौरान मां का नशीले पदार्थ का सेवन करना
ये हो सकती हैं दिक्कतें
- जन्म के समय ऑक्सीजन लेवल कम होना
- शरीर का तापमान बनाए रखने में असमर्थ
- बच्चे में इंफेक्शन होने का खतरा
- बच्चे का मां का दूध पीने में असमर्थ होना
- पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं आ जाना
- सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा होना
- आकस्मिक मृत्यु का खतरा होना