{"_id":"647638c78598003ee603832b","slug":"nagar-palika-meeting-khalilabad-news-c-7-1-187418-2023-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: शहर सरकार की पहली बैठक में जलभराव की चुनौती से निपटने का खाका तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: शहर सरकार की पहली बैठक में जलभराव की चुनौती से निपटने का खाका तैयार
Tue, 30 May 2023 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 30 May 2023 11:26 PM IST
विज्ञापन
नगरपालिका कार्यालय में वोर्ड की बैठक को संबोधित करते नपा अध्यक्ष जगत जायसवाल। संवाद
संतकबीरनगर। नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय में अध्यक्ष जगत जायसवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें शहर में जलभराव की समस्या का मुद्दा हर किसी सदस्य ने प्रमुखता से उठाया। शहर की सरकार ने जलभराव की चुनौती से निपटने का खाका तैयार किया। सभी सदस्यों ने अपने- अपने वार्डों से जुड़ी समस्या से संबंधित करीब 150 प्रस्ताव दिए। बैठक में बोर्ड ने 15.60 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी।
मंगलवार को दिन में 12 बजे से नगर पालिका बोर्ड की बैठक जैसे ही शुरू हुई, वैसे ही शहर में जलभराव का मुद्दा छा गया। सभासद विपिन जायसवाल, अवधेश चौरसिया, वीरेंद्र यादव, ऋषि यादव ने कहा कि वर्तमान में शहर की सबसे प्रमुख समस्या जलभराव की है। पूर्व में बने नाले और नालियों से जल निकासी समुचित रूप से नहीं हो पा रही है। तमाम जगहों पर नालियां टूट फूट चुकी हैं। कहीं- कहीं नालियां बनी ही नहीं हैं। जो नाले और नालियां बनी भी हैं, वह सब जाम पड़ी हुई हैं। विस्तारित क्षेत्रों भी जलभराव और सड़क इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने की जरूरत है।
विस्तरित क्षेत्रों के लोग शहर में रहते जरूर हैं, लेकिन उन्हें बिजली ग्रामीण क्षेत्रों की मिल रही है। शहर के तमाम हिस्सों में बारिश के मौसम में जबरदस्त जलभराव होने से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है। बच्चे स्कूल जाने से कतरा जाते हैं। ऐसे में इस समस्या की ओर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
सभासद सुनील, प्रीती मिश्रा, सीमा वर्मा और सुनीता यादव ने आदि ने कहा कि डूडा के जरिये कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की एनओसी नगर पालिका की ओर से बिना सभासदों के संज्ञान में लाए ही दे दी जाती है। डूडा की ओर से कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी वार्ड सभासदों को होनी चाहिए। बिना सभासदों के संज्ञान में लाए एनओसी नहीं दी जानी चाहिए।
चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटना चुनौती है। सबसे प्रमुख समस्या के निदान पर फोकस होना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां नाली, नाला और सड़क, इंटरलॉकिंग का कार्य प्राथमिकता के तौर पर कराया जाएगा। सभी 25 वार्डों की समस्या उनके लिए समान है। सभी सदस्यों से राय मशविरा लेकर ही कार्य किया जाएगा। ईओ विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि 15 वें वित्त में 4. 10 करोड़ और राज्य वित्त में डेढ़ करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। नाला और नाली निर्माण आदि के लिए 10 करोड़ रुपये की शासन से मांग की जाएगी। बोर्ड बैठक में सभी सदस्यों ने अपना- अपना प्रस्ताव दिया। बजट की उपलब्धता पर सभी सदस्यों के प्रस्तावों पर कार्य कराए जाएंगे। बोर्ड की बैठक में 15.60 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है।
-- -- -- -
इन प्रमुख प्रस्तावों पर पहले होंगे कार्य
- बड़गों में सड़क और नाला निर्माण कार्य होगा।
- गोला बाजार उत्तरी में नाला, नाली निर्माण होगा।
- डीघा में रास्ते में जलभराव हो जाता है, यहां नाला नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा।
- बनियाबारी से सादिकगंज को जोड़ने वाले करीब ढाई किलोमीटर मार्ग पर जलभराव हो जाता है। इंटरलॉकिंग और नाला निर्माण कार्य होगा।
- बनियाबारी से खुदवा नाला तक सड़क के दोनों तरफ बड़ा नाला निर्माण कार्य होगा।
- कसैला में जलभराव हो जाता है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ नाली निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
मंगलवार को दिन में 12 बजे से नगर पालिका बोर्ड की बैठक जैसे ही शुरू हुई, वैसे ही शहर में जलभराव का मुद्दा छा गया। सभासद विपिन जायसवाल, अवधेश चौरसिया, वीरेंद्र यादव, ऋषि यादव ने कहा कि वर्तमान में शहर की सबसे प्रमुख समस्या जलभराव की है। पूर्व में बने नाले और नालियों से जल निकासी समुचित रूप से नहीं हो पा रही है। तमाम जगहों पर नालियां टूट फूट चुकी हैं। कहीं- कहीं नालियां बनी ही नहीं हैं। जो नाले और नालियां बनी भी हैं, वह सब जाम पड़ी हुई हैं। विस्तारित क्षेत्रों भी जलभराव और सड़क इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
विस्तरित क्षेत्रों के लोग शहर में रहते जरूर हैं, लेकिन उन्हें बिजली ग्रामीण क्षेत्रों की मिल रही है। शहर के तमाम हिस्सों में बारिश के मौसम में जबरदस्त जलभराव होने से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है। बच्चे स्कूल जाने से कतरा जाते हैं। ऐसे में इस समस्या की ओर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
सभासद सुनील, प्रीती मिश्रा, सीमा वर्मा और सुनीता यादव ने आदि ने कहा कि डूडा के जरिये कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की एनओसी नगर पालिका की ओर से बिना सभासदों के संज्ञान में लाए ही दे दी जाती है। डूडा की ओर से कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी वार्ड सभासदों को होनी चाहिए। बिना सभासदों के संज्ञान में लाए एनओसी नहीं दी जानी चाहिए।
चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटना चुनौती है। सबसे प्रमुख समस्या के निदान पर फोकस होना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां नाली, नाला और सड़क, इंटरलॉकिंग का कार्य प्राथमिकता के तौर पर कराया जाएगा। सभी 25 वार्डों की समस्या उनके लिए समान है। सभी सदस्यों से राय मशविरा लेकर ही कार्य किया जाएगा। ईओ विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि 15 वें वित्त में 4. 10 करोड़ और राज्य वित्त में डेढ़ करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। नाला और नाली निर्माण आदि के लिए 10 करोड़ रुपये की शासन से मांग की जाएगी। बोर्ड बैठक में सभी सदस्यों ने अपना- अपना प्रस्ताव दिया। बजट की उपलब्धता पर सभी सदस्यों के प्रस्तावों पर कार्य कराए जाएंगे। बोर्ड की बैठक में 15.60 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है।
इन प्रमुख प्रस्तावों पर पहले होंगे कार्य
- बड़गों में सड़क और नाला निर्माण कार्य होगा।
- गोला बाजार उत्तरी में नाला, नाली निर्माण होगा।
- डीघा में रास्ते में जलभराव हो जाता है, यहां नाला नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा।
- बनियाबारी से सादिकगंज को जोड़ने वाले करीब ढाई किलोमीटर मार्ग पर जलभराव हो जाता है। इंटरलॉकिंग और नाला निर्माण कार्य होगा।
- बनियाबारी से खुदवा नाला तक सड़क के दोनों तरफ बड़ा नाला निर्माण कार्य होगा।
- कसैला में जलभराव हो जाता है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ नाली निर्माण कराया जाएगा।