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Sant Kabir Nagar News: दूध के फिर लिए जाएंगे नमूने, हल्दी भी मिलावटी
Wed, 18 Jun 2025 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 18 Jun 2025 11:06 PM IST
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शहर में खुले में बिक रही हल्दी।
संतकबीरनगर। जिले में दूध में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, इसके लिए टीम का गठन कर तीनों तहसीलों में विशेष अभियान चलेगा। वहीं अब मिलावट खोर हल्दी को भी नहीं छोड़े हैं। उसमें बटर येलो कलर मिलाकर उसे चमकीला बना दिए हैं, जो की प्रतिबंधित है।
यह मामला खाद्य विभाग के जरिए भेजे गए सैंपल में खुला है। ऐसे में लोगों को हल्दी खरीदते समय जांच परख करनी होगी। दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेगा। शासन के निर्देश पर मिलावटी दूध के खिलाफ विभाग की तरफ से विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जनवरी से अब तक 36 नमूने लिए थे। जांच में 16 नमूने अधोमानक मिले थे। दूध में पानी की मिलावट मिली थी।
विशेषज्ञों के अनुसार दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए दूध विक्रेता अक्सर हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग करते हैं। डॉक्टर दूध पीने से होने वाले कई लाभ के बारे में बताते हैं, वहीं दूध में मिलावट होने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचाता है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब फिर से अभियान चलाकर दूध के नमूने जांच के बाबत लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कई बार हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह मूल रूप से दूध में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है और इसे जमने से रोकता है।
उन्होंने बताया कि मिलावटी दूध पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा दूध में पाम ऑयल की मिलावट भी होती है। इनकी जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं।
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यह मामला खाद्य विभाग के जरिए भेजे गए सैंपल में खुला है। ऐसे में लोगों को हल्दी खरीदते समय जांच परख करनी होगी। दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेगा। शासन के निर्देश पर मिलावटी दूध के खिलाफ विभाग की तरफ से विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जनवरी से अब तक 36 नमूने लिए थे। जांच में 16 नमूने अधोमानक मिले थे। दूध में पानी की मिलावट मिली थी।
विशेषज्ञों के अनुसार दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए दूध विक्रेता अक्सर हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग करते हैं। डॉक्टर दूध पीने से होने वाले कई लाभ के बारे में बताते हैं, वहीं दूध में मिलावट होने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचाता है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब फिर से अभियान चलाकर दूध के नमूने जांच के बाबत लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कई बार हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह मूल रूप से दूध में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है और इसे जमने से रोकता है।
उन्होंने बताया कि मिलावटी दूध पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा दूध में पाम ऑयल की मिलावट भी होती है। इनकी जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं।