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Sant Kabir Nagar News: गांवों के विकास में सहयोग करेंगे प्रवासी, सरकार देगी 40 फीसदी धनराशि
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सेमरियावां। गांवों के विकास में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए शासन ने मातृभूमि योजना शुरू की है। इसके तहत गांव से बाहर रहने वाले लोग भी अपनी जन्मभूमि में विकास कार्य करा सकेंगे। योजना में विकास कार्य की कुल लागत का 60 प्रतिशत इच्छुक व्यक्ति को और शेष 40 प्रतिशत धनराशि सरकार की ओर से दी जाएगी। विकास कार्य में आर्थिक सहयोग करने वाले व्यक्ति या उनके पूर्वज का नाम शिलापट्ट पर अंकित कराया जाएगा।
डीएम अनुज मलिक ने योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विकास खंड से ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की मंशा है कि योजना की जानकारी ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और दूसरे शहरों व विदेशों में रहने वाले लोगों तक पहुंचे, ताकि वे अपने गांव के विकास में योगदान दे सकें।
सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। यह जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग रोजगार, कारोबार और अन्य कारणों से दूसरे शहरों और विदेशों में रहते हैं। इनमें कई लोग सरकारी विभागों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जबकि कुछ अपना कारोबार चला रहे हैं। गांव से दूर रहने के बावजूद इन लोगों का अपने पैतृक गांव से जुड़ाव बना रहता है। कई लोग अपने पूर्वजों की याद में गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उचित माध्यम नहीं मिल पाता था। मातृभूमि योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को गांवों के विकास में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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इन कार्यों में कर सकते हैं सहयोग
मातृभूमि योजना के तहत स्कूलों और इंटर कॉलेजों में कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट क्लास की स्थापना व संचालन, सामुदायिक भवन और मैरिज हॉल का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र, मध्याह्न भोजन के लिए रसोईघर व भंडार गृह, पुस्तकालय, स्टेडियम के लिए व्यायामशाला और उपकरण, ओपन जिम, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व विकास, तालाबों का सुंदरीकरण और फायर सर्विस स्टेशन की स्थापना जैसे कार्य कराए जा सकते हैं।
योजना के तहत इच्छुक व्यक्ति अपने गांव की जरूरत के अनुसार विकास कार्य में आर्थिक सहयोग कर सकते हैं। इससे गांवों में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
- राधेश्याम चौधरी, एडीओ पंचायत सेमरियावां
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डीएम अनुज मलिक ने योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विकास खंड से ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की मंशा है कि योजना की जानकारी ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और दूसरे शहरों व विदेशों में रहने वाले लोगों तक पहुंचे, ताकि वे अपने गांव के विकास में योगदान दे सकें।
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सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। यह जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग रोजगार, कारोबार और अन्य कारणों से दूसरे शहरों और विदेशों में रहते हैं। इनमें कई लोग सरकारी विभागों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जबकि कुछ अपना कारोबार चला रहे हैं। गांव से दूर रहने के बावजूद इन लोगों का अपने पैतृक गांव से जुड़ाव बना रहता है। कई लोग अपने पूर्वजों की याद में गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उचित माध्यम नहीं मिल पाता था। मातृभूमि योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को गांवों के विकास में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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इन कार्यों में कर सकते हैं सहयोग
मातृभूमि योजना के तहत स्कूलों और इंटर कॉलेजों में कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट क्लास की स्थापना व संचालन, सामुदायिक भवन और मैरिज हॉल का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र, मध्याह्न भोजन के लिए रसोईघर व भंडार गृह, पुस्तकालय, स्टेडियम के लिए व्यायामशाला और उपकरण, ओपन जिम, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व विकास, तालाबों का सुंदरीकरण और फायर सर्विस स्टेशन की स्थापना जैसे कार्य कराए जा सकते हैं।
योजना के तहत इच्छुक व्यक्ति अपने गांव की जरूरत के अनुसार विकास कार्य में आर्थिक सहयोग कर सकते हैं। इससे गांवों में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
- राधेश्याम चौधरी, एडीओ पंचायत सेमरियावां