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कल दवा की दुकानें बंद रहेंगीं
santkabirnagar
Updated Sun, 28 May 2017 11:06 PM IST
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संतकबीरनगर।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय स्थित गोला बाजार में हुई। बैठक में लाइसेंस नवीनीकरण समेत अन्य समस्याओं के निदान न होने पर 30 मई को दुकानें बंद कर विरोध जताएंगे।
जिलाध्यक्ष संजीव भाटिया ने कहा कि वर्तमान में संपूर्ण दवा व्यवसाय संकट के दौर से गुजर रहा है। व्यवसायियों के समक्ष प्रमुख समस्या फार्मासिस्ट एवं लाइसेंस नवीनीकरण की समस्या है। जिसका अविलंब निदान अति आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आनलाइन फार्मेसी, केंद्रीय ई पोर्टल व्यवस्था को लागू करना दवा व्यापारियों के हित के विपरीत है। इसके साथ ही दवा मूल्य नियंत्रण नीति में केमिस्टों का शोषण होगा। जिसे दवा व्यापारी कतई स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। दवा व्यवसायियों के हित में केंद्रीय दवा कानून संशोधन में दवा व्यापारियों के विचारों और सुझावों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समस्त समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो देश में लगभग साढ़े आठ लाख केमिस्ट एवं 50 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। बैठक में सीताराम पांडेय, रामशंकर जायसवाल, वीरेंद्र सिंह, ऋषिमुनि चौधरी, जय प्रकाश दुबे, अब्दुल रज्जाक खां, शकील अहमद, महेश सिंहानिया आदि मौजूद रहे।
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केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय स्थित गोला बाजार में हुई। बैठक में लाइसेंस नवीनीकरण समेत अन्य समस्याओं के निदान न होने पर 30 मई को दुकानें बंद कर विरोध जताएंगे।
जिलाध्यक्ष संजीव भाटिया ने कहा कि वर्तमान में संपूर्ण दवा व्यवसाय संकट के दौर से गुजर रहा है। व्यवसायियों के समक्ष प्रमुख समस्या फार्मासिस्ट एवं लाइसेंस नवीनीकरण की समस्या है। जिसका अविलंब निदान अति आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आनलाइन फार्मेसी, केंद्रीय ई पोर्टल व्यवस्था को लागू करना दवा व्यापारियों के हित के विपरीत है। इसके साथ ही दवा मूल्य नियंत्रण नीति में केमिस्टों का शोषण होगा। जिसे दवा व्यापारी कतई स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। दवा व्यवसायियों के हित में केंद्रीय दवा कानून संशोधन में दवा व्यापारियों के विचारों और सुझावों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समस्त समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो देश में लगभग साढ़े आठ लाख केमिस्ट एवं 50 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। बैठक में सीताराम पांडेय, रामशंकर जायसवाल, वीरेंद्र सिंह, ऋषिमुनि चौधरी, जय प्रकाश दुबे, अब्दुल रज्जाक खां, शकील अहमद, महेश सिंहानिया आदि मौजूद रहे।
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