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35 हजार लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा सिर्फ एक चिकित्सक पर
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35 हजार लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा सिर्फ एक चिकित्सक पर
- फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से बढ़ी समस्या
- नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मगहर का हाल फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर (संतकबीरनगर)। नगर पंचायत मगहर के तिवारी टोला में बने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक चिकित्सक के भरोसे 35 हजार लोगों की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है। चिकित्सक की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित तो हो रही हैं। इसके साथ ही फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से समस्याएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। कस्बे के लोगों ने चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग की है।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना सात साल पूर्व हुई थी। चार कमरों के इस अस्पताल में कुल सात स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है, जिसमें केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के रूप में डॉक्टर दीपक कुमार, दो स्टाफ नर्स शालिनी पांडेय व हरिकेश शर्मा, लैब टेक्नीशियन शिवनंदन, दो एएनएम ललिता व अर्चना, सहायक स्टाफ में सुनील व किरन कार्यरत हैं, जो अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। यहां कोरोना महामारी के मद्देनजर कोरोना की जांच, कोरोना टीकाकरण भी होता है। ओपीडी बंद होने के साथ ही पांच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कोविड जांच के बाद इलाज होता है। यहां पर तैनात फार्मासिस्ट का पिछले साल दिसंबर में ट्रांसफर हो जाने के कारण अब तक स्थान रिक्त है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कस्बे के रामशंकर यादव, अवधेश सिंह समेत अन्य लोगों ने चिकित्सक व फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग की है।
एक मई से 30 मई तक 310 को लगे कोरोना के टीके
मगहर। कोरोना महामारी को देखते हुए नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना की जांच व कोरोनारोधी टीके लगाए जा रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर दीपक कुमार ने बताया कि एक मई से 30 मई तक कुल 51 लोगों की कोरोना की जांच की गई है, जिसमें चार लोग पॉजिटिव मिले, जिन्हें कोरोना किट देकर होम आइसोलेशन में भेज दिया गया। इसके साथ ही 310 लोगों को कोरोनारोधी टीके लगे हैं, जिनमें 227 लोगों को टीके की प्रथम खुराक व 83 लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है।
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पॉजिटिव होने के बाद पुन: फर्ज को दे रहे अंजाम
मगहर। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी अपने फर्ज को अंजाम देते समय एलटी शिवनंदन एक मई को पॉजिटिव हो गए। 14 मई को निगेटिव होने के बाद 15 मई को पुन: हास्पिटल आकर अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। जबकि जीएनएम हरिकेश शर्मा 14 मई को पॉजिटिव होने के बाद पुन: ड्यूटी पर आकर अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। जबकि एक जीएनएम दो दिन पूर्व पॉजिटिव पाई गई हैं। जो इस समय होम आइसोलेशन में हैं।
क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्साधिकारी
मगहर। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर दीपक का कहना है कि फार्मासिस्ट का स्थान व एक महिला स्टाफ नर्स का भी स्थान रिक्त है, जिसके लिए पत्र लिखा गया है। फिर भी दूसरे स्टाफ से कार्य लिया जा रहा है। ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं कोरोना प्रोटोकाल के साथ दी जा रही हैं। साथ ही पांच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कोरोना जांच के उपरांत की जा रही है। कोरोना रोधी टीकाकरण प्रत्येक सोमवार, बृहस्पतिवार व शुक्रवार को होता है।
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- फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से बढ़ी समस्या
- नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मगहर का हाल फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर (संतकबीरनगर)। नगर पंचायत मगहर के तिवारी टोला में बने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक चिकित्सक के भरोसे 35 हजार लोगों की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है। चिकित्सक की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित तो हो रही हैं। इसके साथ ही फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से समस्याएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। कस्बे के लोगों ने चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग की है।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना सात साल पूर्व हुई थी। चार कमरों के इस अस्पताल में कुल सात स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है, जिसमें केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के रूप में डॉक्टर दीपक कुमार, दो स्टाफ नर्स शालिनी पांडेय व हरिकेश शर्मा, लैब टेक्नीशियन शिवनंदन, दो एएनएम ललिता व अर्चना, सहायक स्टाफ में सुनील व किरन कार्यरत हैं, जो अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। यहां कोरोना महामारी के मद्देनजर कोरोना की जांच, कोरोना टीकाकरण भी होता है। ओपीडी बंद होने के साथ ही पांच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कोविड जांच के बाद इलाज होता है। यहां पर तैनात फार्मासिस्ट का पिछले साल दिसंबर में ट्रांसफर हो जाने के कारण अब तक स्थान रिक्त है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कस्बे के रामशंकर यादव, अवधेश सिंह समेत अन्य लोगों ने चिकित्सक व फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग की है।
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एक मई से 30 मई तक 310 को लगे कोरोना के टीके
मगहर। कोरोना महामारी को देखते हुए नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना की जांच व कोरोनारोधी टीके लगाए जा रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर दीपक कुमार ने बताया कि एक मई से 30 मई तक कुल 51 लोगों की कोरोना की जांच की गई है, जिसमें चार लोग पॉजिटिव मिले, जिन्हें कोरोना किट देकर होम आइसोलेशन में भेज दिया गया। इसके साथ ही 310 लोगों को कोरोनारोधी टीके लगे हैं, जिनमें 227 लोगों को टीके की प्रथम खुराक व 83 लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है।
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पॉजिटिव होने के बाद पुन: फर्ज को दे रहे अंजाम
मगहर। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी अपने फर्ज को अंजाम देते समय एलटी शिवनंदन एक मई को पॉजिटिव हो गए। 14 मई को निगेटिव होने के बाद 15 मई को पुन: हास्पिटल आकर अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। जबकि जीएनएम हरिकेश शर्मा 14 मई को पॉजिटिव होने के बाद पुन: ड्यूटी पर आकर अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। जबकि एक जीएनएम दो दिन पूर्व पॉजिटिव पाई गई हैं। जो इस समय होम आइसोलेशन में हैं।
क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्साधिकारी
मगहर। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर दीपक का कहना है कि फार्मासिस्ट का स्थान व एक महिला स्टाफ नर्स का भी स्थान रिक्त है, जिसके लिए पत्र लिखा गया है। फिर भी दूसरे स्टाफ से कार्य लिया जा रहा है। ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं कोरोना प्रोटोकाल के साथ दी जा रही हैं। साथ ही पांच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कोरोना जांच के उपरांत की जा रही है। कोरोना रोधी टीकाकरण प्रत्येक सोमवार, बृहस्पतिवार व शुक्रवार को होता है।