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एमबीडी बांध पर घाघरा नदी कर रही कटान
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एमबीडी बांध पर घाघरा नदी कर रही कटान
लोग चिंतित, ड्रोन कैमरे से हो रही बांध की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी ने तुर्कवलिया नायक के पास एमबीडी बांध पर मंगलवार को कटान शुरू कर दिया। जिसे देख कर आस-पास के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। वहीं दूसरी तरफ सिंचाई विभाग बांध की कटान को रोकने में जुटा हुआ है। ड्रोन कैमरे से बांध की निगरानी भी की जा रही है।
घाघरा नदी करीब एक माह से कटान कर रही है। नदी बंधे से करीब 200 मीटर दूरी पर मंगलवार की शाम बांध को काटना फिर शुरू कर दिया है। नदी की कटान को रोकने के लिए अब तक सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 15 सौ घन मीटर बोल्डर और मिट्टी और बालू भरी बोरी कटान स्थल पर लगाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बोल्डर और बोरी नदी में कहां समा गए इसका पता नहीं चल रहा है। वैसे नदी की कटान शुरू होते ही विभाग द्वारा हर हाल में एमबीडी बांध को सुरक्षित रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन नदी जैसे-जैसे कटान करते हुए बांध के करीब पहुंच रही है वैसे-वैसे स्थानीय ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगी है। तुर्कवालिया नायक के प्रधान वीरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, अशरफपुर के प्रधान सोनू, जय किशन, बालमपुर के पूर्व प्रधान मुसाफिर यादव, चपरा पूर्वी के प्रधान हरिराम यादव, जगदीशपुर निवासी रामप्रताप आदि का कहना है कि बांध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग जिस तरह का दावा वर्ष 2013 में कर रहा था, ठीक उसी तरह के दावे इस वर्ष भी किए जा रहे हैं। नदी दिन पर दिन बांध पर दबाव बनाने बना रही है। बांध यदि कटता है तो क्षेत्र के कई गांव तबाह हो जाएंगे। मंगलवार की शाम नदी में जिस तरह से एकाएक करीब तीन मीटर चौड़ाई में 50 मीटर लंबाई में बैठ गई है उससे चिंता और बढ़ गई है। दिन होने के कारण नदी की कटान को रोकने का काम मजदूरों के साथ साथ गांव के लोग भी कर रहे हैं। यदि रात में ऐसा हुआ तो खतरा संभावित है। दूसरी तरफ सिंचाई विभाग में बांध के सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है। बांध की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जा रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि नदी बांध से टकराई जरूर है लेकिन बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। हर हाल में बांध को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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लोग चिंतित, ड्रोन कैमरे से हो रही बांध की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी ने तुर्कवलिया नायक के पास एमबीडी बांध पर मंगलवार को कटान शुरू कर दिया। जिसे देख कर आस-पास के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। वहीं दूसरी तरफ सिंचाई विभाग बांध की कटान को रोकने में जुटा हुआ है। ड्रोन कैमरे से बांध की निगरानी भी की जा रही है।
घाघरा नदी करीब एक माह से कटान कर रही है। नदी बंधे से करीब 200 मीटर दूरी पर मंगलवार की शाम बांध को काटना फिर शुरू कर दिया है। नदी की कटान को रोकने के लिए अब तक सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 15 सौ घन मीटर बोल्डर और मिट्टी और बालू भरी बोरी कटान स्थल पर लगाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बोल्डर और बोरी नदी में कहां समा गए इसका पता नहीं चल रहा है। वैसे नदी की कटान शुरू होते ही विभाग द्वारा हर हाल में एमबीडी बांध को सुरक्षित रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन नदी जैसे-जैसे कटान करते हुए बांध के करीब पहुंच रही है वैसे-वैसे स्थानीय ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगी है। तुर्कवालिया नायक के प्रधान वीरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, अशरफपुर के प्रधान सोनू, जय किशन, बालमपुर के पूर्व प्रधान मुसाफिर यादव, चपरा पूर्वी के प्रधान हरिराम यादव, जगदीशपुर निवासी रामप्रताप आदि का कहना है कि बांध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग जिस तरह का दावा वर्ष 2013 में कर रहा था, ठीक उसी तरह के दावे इस वर्ष भी किए जा रहे हैं। नदी दिन पर दिन बांध पर दबाव बनाने बना रही है। बांध यदि कटता है तो क्षेत्र के कई गांव तबाह हो जाएंगे। मंगलवार की शाम नदी में जिस तरह से एकाएक करीब तीन मीटर चौड़ाई में 50 मीटर लंबाई में बैठ गई है उससे चिंता और बढ़ गई है। दिन होने के कारण नदी की कटान को रोकने का काम मजदूरों के साथ साथ गांव के लोग भी कर रहे हैं। यदि रात में ऐसा हुआ तो खतरा संभावित है। दूसरी तरफ सिंचाई विभाग में बांध के सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है। बांध की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जा रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि नदी बांध से टकराई जरूर है लेकिन बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। हर हाल में बांध को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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