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Sant Kabir Nagar News: हिंदी को बनाएं ज्ञान और नवाचार की भाषा

Mon, 14 Sep 2026 11:05 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:05 PM IST
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Make Hindi the language of knowledge and innovation.
एचआरपीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर छात्रा को पुरस्कृत करते अति​थि-स्रोत कॉलेज
संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने कहा कि आज वैश्वीकरण और डिजिटल क्रांति के दौर में भाषाओं के सामने नई चुनौतियां हैं। यही चुनौतियां नए अवसर भी लेकर आई हैं।
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उन्होंने कहा कि इंटरनेट, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल शिक्षा ने हिंदी को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की अभूतपूर्व संभावनाएं पैदा की हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम हिंदी को केवल भावनाओं की भाषा न मानकर ज्ञान और नवाचार की भाषा भी बनाएं। उन्होंने आगे कहा कि एक समृद्ध भाषा वही होती है जो समय के साथ बदलती है, नए शब्दों को स्वीकार करती है और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को आत्मसात करती है। इसलिए हिंदी के विकास का अर्थ अन्य भारतीय भाषाओं का विरोध नहीं, बल्कि उनके साथ संवाद और सह-अस्तित्व स्थापित करना है।
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शिक्षा संकाय के डीन प्रो. विजय राय ने कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि हिंदी का वास्तविक विकास केवल सरकारी कार्यालयों और औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, शोध, प्रशासन और रोजगार के क्षेत्रों में भी हिंदी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराए।
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महाविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. राजेश चंद्र मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों से विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि हिंदी बोलने में गर्व अनुभव करें, हिंदी में पढ़ें और लिखें, लेकिन साथ ही दूसरी भारतीय एवं विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी प्राप्त करें।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार भारती ने विषय प्रस्तावना रखते हुए कहा कि हिंदी भारतीय समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक है। इसकी शक्ति केवल इसके बोलने वालों की संख्या में नहीं, बल्कि इसकी समावेशी प्रकृति, अभिव्यक्ति की क्षमता और निरंतर विकसित होने की प्रवृत्ति में निहित है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी ने कहा कि एक शिक्षक और शिक्षण संस्था के रूप में हमारा दायित्व केवल हिन्दी दिवस मनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में भाषायी आत्मविश्वास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मौलिक लेखन की क्षमता विकसित करना भी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शौर्यजीत सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रवण कुमार गुप्त ने किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली तेज प्रताप सिंह स्मृति छात्रवृत्ति के अंतर्गत स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक पाई छात्रा आकांक्षा त्रिपाठी व स्नातकोत्तर स्तर पर सर्वोच्च अंक पाई छात्रा प्रीति प्रजापति को मेडल व पुरस्कार प्रदान किया गया।
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