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महिला फेडरेशन, रसोइयों ने प्रदर्शन किया
अमर उजाला। संतकबीरनगर
Updated Wed, 04 May 2016 01:10 AM IST
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मध्याह्न भोजन रसोइया और भारतीय महिला फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को आजाद चौक से जुलूस निकाला।
- फोटो : अमर उजाला
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मध्याह्न भोजन रसोइया और भारतीय महिला फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को आजाद चौक से जुलूस निकाला। जुलूस कलेक्ट्रेट पर पहुंचने पर धरने में तब्दील हो गया। रसोइयों ने हाथ में बेलन लेकर पांच हजार मानदेय दिए जाने की मांग की। इस दौरान डीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।
फेडरेशन की प्रांतीय उपाध्यक्ष हरजीत कौर ने कहा कि सरकारी प्राइमरी एवं जूनियर स्कूल में बच्चों की संख्या निरंतर घट रही है। स्थिति ऐसी बन रही है कि स्कूलों को सरकार ही बंद करवा देना चाहती है। रसोइयों को एक हजार मानदेय दिया जाता है। इसके बाद प्रधानाध्यापक अपने चहेतों को रखने के लिए रसोइयों की छटनी कर रहे है।
ट्रेड यूनियन कौसिंल के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्त ने कहा कि दोहरी शिक्षा नीति के चलते प्राईमरी और जूनियर स्कूलों की स्थिति बदतर हो गई है। इसकी जिम्मेदारी शासन की है। उन्होंने कहा कि दोहरी शिक्षा नीति के विरुद्ध रसोइया, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कर्मचारियों और मजदूरों की समस्याओं को समाहित कर पुरानी पेंशन नीति बहाल करने सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दो सिंतबर को राष्ट्र व्यापी हड़ताल करेंगे।
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राज्य महिला आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष माया सिंह और संरक्षक बालगोविंद सिंह ने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ शासन द्वारा की जा रही उपेक्षात्मक नीति को बदलना होगा। प्रति वर्ष रसोइयों की छटनी को बंद करा होगा। रसोइयों की तरह यह सरकार आशा वर्कर का भी शोषण कर रही है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद यादव, विजय प्रताप पाल, रामदरस गुुप्त, दयाराम, छांगुुर गोंड, परमात्मा राय, सोनू, तमेसर, जयंती देवी, सुनीता यादव, आरती देवी, रमावती, राजेश गुप्त समेत अन्य मौजूद रहे।
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फेडरेशन की प्रांतीय उपाध्यक्ष हरजीत कौर ने कहा कि सरकारी प्राइमरी एवं जूनियर स्कूल में बच्चों की संख्या निरंतर घट रही है। स्थिति ऐसी बन रही है कि स्कूलों को सरकार ही बंद करवा देना चाहती है। रसोइयों को एक हजार मानदेय दिया जाता है। इसके बाद प्रधानाध्यापक अपने चहेतों को रखने के लिए रसोइयों की छटनी कर रहे है।
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ट्रेड यूनियन कौसिंल के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्त ने कहा कि दोहरी शिक्षा नीति के चलते प्राईमरी और जूनियर स्कूलों की स्थिति बदतर हो गई है। इसकी जिम्मेदारी शासन की है। उन्होंने कहा कि दोहरी शिक्षा नीति के विरुद्ध रसोइया, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कर्मचारियों और मजदूरों की समस्याओं को समाहित कर पुरानी पेंशन नीति बहाल करने सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दो सिंतबर को राष्ट्र व्यापी हड़ताल करेंगे।
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राज्य महिला आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष माया सिंह और संरक्षक बालगोविंद सिंह ने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ शासन द्वारा की जा रही उपेक्षात्मक नीति को बदलना होगा। प्रति वर्ष रसोइयों की छटनी को बंद करा होगा। रसोइयों की तरह यह सरकार आशा वर्कर का भी शोषण कर रही है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद यादव, विजय प्रताप पाल, रामदरस गुुप्त, दयाराम, छांगुुर गोंड, परमात्मा राय, सोनू, तमेसर, जयंती देवी, सुनीता यादव, आरती देवी, रमावती, राजेश गुप्त समेत अन्य मौजूद रहे।