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Sant Kabir Nagar News: भागवत कथा सुनने से होता है कल्याण
Mon, 26 Jan 2026 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:32 AM IST
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बघौली कस्बे में चल रहे श्रीराम कथा मौजूद श्रद्धालु-संवाद
संतकबीरनगर। बघौली कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण के दूसरे दिन आचार्य कुंडल ने शुकदेवजी के जन्म का वृतांत सुनाया। माता कुंती के जीवन का भी उदाहरण दिया और कहा कि माता कुंती एकमात्र ऐसी भक्त हैं, जिन्होंने भगवान से सुख के बजाय दुख का वरदान मांगा था। कहा था कि भगवान अगर मैं सुख में रहूंगी तो आपको भूल जाऊंगी, लेकिन दुख में आप सदा मेरे साथ रहेंगे। हर परिस्थिति में प्राणी को भगवत भजन का आश्रय नहीं छोड़ना चाहिए।
कथा प्रवक्ता आचार्य कुंडल ने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे हैं। श्रीमद्भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविंद प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी।
मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या संपदा नहीं है। भगवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आए हैं। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। इस अवसर पर दुर्गेश चंद्र पांडेय, स्नेह लता पांडेय, कनकलता पांडेय, इंद्रदेव राय, अजित नाथ मिश्र, सोनू मिश्रा, रविन्द्र सिंह, सुभाष गुप्ता, आनंद कुमार पांडेय, अपर सीएमओ डॉ संजय मिश्रा, काशी राम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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कथा प्रवक्ता आचार्य कुंडल ने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे हैं। श्रीमद्भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविंद प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी।
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मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या संपदा नहीं है। भगवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आए हैं। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। इस अवसर पर दुर्गेश चंद्र पांडेय, स्नेह लता पांडेय, कनकलता पांडेय, इंद्रदेव राय, अजित नाथ मिश्र, सोनू मिश्रा, रविन्द्र सिंह, सुभाष गुप्ता, आनंद कुमार पांडेय, अपर सीएमओ डॉ संजय मिश्रा, काशी राम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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