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खेल शिक्षकों की सूची मांगी
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:23 PM IST
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माध्यमिक विद्यालयों में खेल विषय को लेकर शासन गंभीर हो गया है। कई विद्यालय इसको लेकर हीलाहवाली कर रहे थे, जबकि खेल विषय को अनिवार्य विषय के रूप में पहले ही लागू किया जा चुका है। विद्यालयों की लापरवाही को देखते हुए डीआईओएस ने समस्त विद्यालयों को पत्र जारी कर खेल विषय से संबंधित शिक्षकों की सूची मांगी है। जिससे की यह सूचना शासन को भेजी जा सके।
गौरतलब है कि शासन ने वर्ष 2004 में माध्यमिक विद्यालयों खेल विषय को अनिवार्य विषय के रूप में लागू कर दिया था। इसके साथ ही कई विद्यालयों खेल शिक्षक भी नियुक्त हो गए थे। खेल शिक्षक के होते हुए भी छात्र छात्राओं को खेल से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भी कई विद्यालय रुचि नहीं दिखा रहे थे। इसकी शिकायत शासन स्तर पर पहुंची तो माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस से खेल शिक्षकों की सूची तलब कर ली।
डीआईओएस कार्यालय ने समस्त प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर कहा है कि माध्यमिक विद्यालयों में खेल विषय के शिक्षण की व्यवस्था जहां पर खेल शिक्षक नहीं है वहां पर व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही जो शिक्षक और शिक्षिका खेल विषय में रुचि रखते हो उनसे भी सहायता ली जाए।
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उन्होंने समस्त विद्यालयों से खेल शिक्षकों की सूची निर्धारित प्रारूप पर एक सप्ताह के अंदर देने को कहा है ताकि वह सूची शासन को भेजी जा सके। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि खेल विषय से संबधित शिक्षकों की सूची विद्यालयों से मांगी गई है। सूची आते ही उसे शासन में भेज दिया जाएगा और खेल विषय को प्रभावी बनाया जाएगा।
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गौरतलब है कि शासन ने वर्ष 2004 में माध्यमिक विद्यालयों खेल विषय को अनिवार्य विषय के रूप में लागू कर दिया था। इसके साथ ही कई विद्यालयों खेल शिक्षक भी नियुक्त हो गए थे। खेल शिक्षक के होते हुए भी छात्र छात्राओं को खेल से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भी कई विद्यालय रुचि नहीं दिखा रहे थे। इसकी शिकायत शासन स्तर पर पहुंची तो माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस से खेल शिक्षकों की सूची तलब कर ली।
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डीआईओएस कार्यालय ने समस्त प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर कहा है कि माध्यमिक विद्यालयों में खेल विषय के शिक्षण की व्यवस्था जहां पर खेल शिक्षक नहीं है वहां पर व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही जो शिक्षक और शिक्षिका खेल विषय में रुचि रखते हो उनसे भी सहायता ली जाए।
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उन्होंने समस्त विद्यालयों से खेल शिक्षकों की सूची निर्धारित प्रारूप पर एक सप्ताह के अंदर देने को कहा है ताकि वह सूची शासन को भेजी जा सके। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि खेल विषय से संबधित शिक्षकों की सूची विद्यालयों से मांगी गई है। सूची आते ही उसे शासन में भेज दिया जाएगा और खेल विषय को प्रभावी बनाया जाएगा।