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जान हथेली पर, फिर भी रहना मजबूरी

Sun, 20 Nov 2022 11:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2022 11:51 PM IST
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Life on the palm, still compulsion to live
बगहिया के पास स्थित कांशीराम शहरी आवास में बांस बल्ली लगाकर रोका गया छज्जा । संवाद - फोटो : KHALILABAD
जान हथेली पर, फिर भी रहना मजबूरी
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देेखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं कांशीराम आवास
संतकबीरनगर। कभी शासन की प्राथमिकता में रहा कांशीराम आवास बदहाल हो गया है। भवन जर्जर हो गए हैं। यहां रहने वाले एक हजार परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। सुविधाओं के नाम यहां कुछ नहीं है। अधिकतर इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। नालियां टूट गई हैं।
शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए बसपा शासनकाल में वर्ष 2008-09 में कांशीराम आवास का निर्माण हुआ। एक हजार आवास बनवाए गए। प्रति आवास एक लाख 75 हजार रुपये के हिसाब से 17 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए गए। आवास निर्माण के बाद एक हजार परिवार को आवास आवंटित किया गया है। इस बीच प्रदेश में निजाम बदलने के साथ ही कांशीराम आवास की उपेक्षा भी शुरू हो गई। देखरेख के अभाव में आवास भवन जर्जर हो गए हैं।
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पिछले साल एक आवास का छज्जा टूट गया था। इसके चलते कई परिवार फंस गए थे। बाद में पालिका प्रशासन ने जेसीबी से लोगों को सुरक्षित निकलवाया था, लेकिन इसकी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी। एक आवास में बल्ली के सहारे टेक देकर भवन को गिरने से रोका गया है। इस भवन को खाली भी करा दिया गया है।
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पिछले दिनों डीएम प्रेम रंजन सिंह व सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने इसका मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति जस की तस है।
कांशीराम आवास परिसर में अधिकतर नालियां टूट गई हैं। इससे जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। परिसर में पानी फैला हुआ है। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगे हैं।
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पार्क में कुछ नहीं बचा
कांशीराम आवास परिसर में पार्क बना है। वर्तमान में कुछ नहीं बचा है। अब बच्चे यहां क्रिकेट खेलते हैं। लगाए गए फूल-पौध नदारद हो चुके हैं। शिकायत के बाद भी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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लोग बोल- बुनियादी जरूरतें तक नहीं
कांशीराम आवास में रहने वाले जितेंद्र कुमार, जुम्मन, चंदन शर्मा, रिजवान खान, खलील खाल, काशी, रामजी आदि ने बताया कि परिसर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। परिसर की सड़कें टूट गई हैं। समस्याओं का निस्तारण होना चाहिए।

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कोट
कांशीराम आवास की समस्याओं के निस्तारण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पानी की समस्या को दूर करने के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। जनरेटर की व्यवस्था कर दी गई है। सफाई कर्मियों को सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- सुरेश मौर्य, ईओ, नगर पालिका
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