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दहेज हत्या के दोषी पति और सास को आजीवन कारावास
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दहेज हत्या के दोषी पति और सास को आजीवन कारावास
- पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायधीश महफूज अली ने चार साल पूर्व धर्मसिंहवा में हुए दहेज हत्या के मामले में दोषी पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र के भरथुआ निवासी रमेश राय ने थाना धर्मसिंहवा में प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी पुत्री अंजली राय की शादी 17 फरवरी 2016 को धर्मसिंहवा निवासी रामानंद पांडेय के साथ हुई थी। शादी के दूसरे दिन बेटी की विदाई हुई। शादी एवं विदाई के पश्चात बेटी के ससुराल वालों का व्यवहार तीन माह तक ठीक रहा। उसके पश्चात बेटी का पति व सास सुशीला देवी व दो ननद संध्या व बिट्टू तथा दामाद का मामा बालमुकुंद दहेज में दो लाख रुपये दुकान खोलने के लिए तथा पल्सर बाइक की मांग करने लगे। इसके लिए बेटी को प्रताड़ित करने लगे।
23 सितंबर 2016 को जब वह अपने पूरे परिवार के साथ चंडीगढ़ में थे तभी दामाद ने फोन कर सूचना दी कि अंजली ने आत्महत्या कर ली। चंडीगढ़ से वापस आकर बेटी के ससुुुराल गया जहां बेटी की मौत संदिग्ध लग रही थी। बेटी की लाश अपने कमरे में बेड पर पड़ी थी। इस मामले में थाना धर्मसिंघवा में दहेज हत्या का मुकदमा रामानंद पांडेय, सुशीला देवी, बालमुकुंद उपाध्याय, संध्या, बिट्टू के विरुद्ध पंजीकृत हुआ। जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद कुुमार राय ने बताया कि कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महफूज अली ने पति रामानंद पांडेय व सास सुशीला देवी को आजीवन कारावास और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि अर्थदंड न अदा करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतने का आदेश दिया। विवेचना के दौरान बालमुकुंद व संध्या का नाम नहीं आया था। बिट्टू के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई थी।
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- पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायधीश महफूज अली ने चार साल पूर्व धर्मसिंहवा में हुए दहेज हत्या के मामले में दोषी पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र के भरथुआ निवासी रमेश राय ने थाना धर्मसिंहवा में प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी पुत्री अंजली राय की शादी 17 फरवरी 2016 को धर्मसिंहवा निवासी रामानंद पांडेय के साथ हुई थी। शादी के दूसरे दिन बेटी की विदाई हुई। शादी एवं विदाई के पश्चात बेटी के ससुराल वालों का व्यवहार तीन माह तक ठीक रहा। उसके पश्चात बेटी का पति व सास सुशीला देवी व दो ननद संध्या व बिट्टू तथा दामाद का मामा बालमुकुंद दहेज में दो लाख रुपये दुकान खोलने के लिए तथा पल्सर बाइक की मांग करने लगे। इसके लिए बेटी को प्रताड़ित करने लगे।
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23 सितंबर 2016 को जब वह अपने पूरे परिवार के साथ चंडीगढ़ में थे तभी दामाद ने फोन कर सूचना दी कि अंजली ने आत्महत्या कर ली। चंडीगढ़ से वापस आकर बेटी के ससुुुराल गया जहां बेटी की मौत संदिग्ध लग रही थी। बेटी की लाश अपने कमरे में बेड पर पड़ी थी। इस मामले में थाना धर्मसिंघवा में दहेज हत्या का मुकदमा रामानंद पांडेय, सुशीला देवी, बालमुकुंद उपाध्याय, संध्या, बिट्टू के विरुद्ध पंजीकृत हुआ। जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद कुुमार राय ने बताया कि कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महफूज अली ने पति रामानंद पांडेय व सास सुशीला देवी को आजीवन कारावास और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि अर्थदंड न अदा करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतने का आदेश दिया। विवेचना के दौरान बालमुकुंद व संध्या का नाम नहीं आया था। बिट्टू के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई थी।
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