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Sant Kabir Nagar News: एलआईसी एजेंट के बेटी-बेटा बने दरोगा, पगडंडी पर दौड़ लगाकर हासिल की सफलता
Fri, 24 Feb 2023 10:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Feb 2023 10:20 AM IST
सार
पिता रमेशचंद्र त्रिपाठी खुद सुबह उठ कर भाई-बहन को दौड़ का अभ्यास कराने दुघरा गागीचे में ले जाते थे। साथ में पिता भी दौड़ लगाते थे। पगडंडी पर दौड़ते वक्त थकान और धीमी गति होने पर हौसला बढ़ाते थे। मेहनत रंग लाई और दोनों भाई-बहन साथ-साथ दरोगा बन गए।
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रजत त्रिपाठी और कीर्ति त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जुनून के साथ ईमानदारी से की गई मेहनत रंग लाती है। संसाधनों का अभाव भी रोड़ा नहीं बन पाता। धनघटा क्षेत्र के भंडा गांव निवासी एलआईसी एजेंट के बेटे-बेटी ने ऐसा कर दिखाया है। सगे भाई-बहन का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद पर हुआ है। दरोगा बने भाई परिषदीय शिक्षक भी हैं।
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वैसे दोनों घर से सिविल सर्विसेज तैयारी भी कर रहे हैं। दोनों का अफसर बनने का ख्वाब है। धनघटा क्षेत्र के भंडा गांव निवासी रमेशचंद्र त्रिपाठी एलआईसी अभिकर्ता के साथ सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है। मध्यमवर्गीय परिवार होने की वजह से बेटे-बेटी को पढ़ाने के लिए चाहते हुए भी बाहर अच्छे शैक्षणिक संस्थानों में नहीं भेज पाए। बड़ा बेटा 26 वर्षीय रजत त्रिपाठी और दूसरे नंबर की 23 वर्षीय बेटी कीर्ति त्रिपाठी ने आर गौरव इंटर कॉलेज हैंसर बाजार से पढ़ाई की है। रजत ने बीएससी, बीएड और बीटीसी किया। बेटी ने बीएससी और बीएड किया।
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वर्ष 2020 में रजत का चयन परिषदीय शिक्षक के पद पर हो गया। वर्तमान में उसकी तैनाती जिले के सांथा क्षेत्र के धर्मसिंहवा स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर है। रजत त्रिपाठी बताते हैं कि उनके पिता की बचपन से चाहत थी कि वह और बहन कीर्ति वर्दी पहनें। पिता के ख्वाब को पूरा करने के लिए वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद के लिए आवेदन किया। साथ में बहन कीर्ति ने भी आवेदन किया। दोनों ने साथ-साथ घर से ही दरोगा बनने की तैयारी शुरू की।
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पिता रमेशचंद्र त्रिपाठी खुद सुबह उठ कर भाई-बहन को दौड़ का अभ्यास कराने दुघरा गागीचे में ले जाते थे। साथ में पिता भी दौड़ लगाते थे। पगडंडी पर दौड़ते वक्त थकान और धीमी गति होने पर हौसला बढ़ाते थे। मेहनत रंग लाई और दोनों भाई-बहन साथ-साथ दरोगा बन गए।
भाई-बहन की सोच बड़ी है। दोनों सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना तब पूरा होगा, जब दोनों अफसर बन जाएंगे। कीर्ति त्रिपाठी बताती हैं कि प्रारंभिक शिक्षा गांव के पास संचालित इंटर कॉलेज से पूर्ण की। शुभी देवी डिग्री कॉलेज खलीलाबाद से बीएससी और ताराचंद्र डिग्री कॉलेज धनघटा से बीएड की। वैसे कर्मचारी चयन आयोग की प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
आगे पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अफसर बनने की चाहत है। भाई रजत प्रशिक्षण के लिए सीतापुर जाएंगे, जबकि उसका प्रशिक्षण मेरठ में होगा। 13 मार्च से प्रशिक्षण शुरू होना है। छोटे भाई हर्षित ने बीए, बीएड कर रखा। वह प्रयागराज में हरकर सिविल की तैयारी कर रहा है।
भाई-बहन की सोच बड़ी है। दोनों सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना तब पूरा होगा, जब दोनों अफसर बन जाएंगे। कीर्ति त्रिपाठी बताती हैं कि प्रारंभिक शिक्षा गांव के पास संचालित इंटर कॉलेज से पूर्ण की। शुभी देवी डिग्री कॉलेज खलीलाबाद से बीएससी और ताराचंद्र डिग्री कॉलेज धनघटा से बीएड की। वैसे कर्मचारी चयन आयोग की प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
आगे पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अफसर बनने की चाहत है। भाई रजत प्रशिक्षण के लिए सीतापुर जाएंगे, जबकि उसका प्रशिक्षण मेरठ में होगा। 13 मार्च से प्रशिक्षण शुरू होना है। छोटे भाई हर्षित ने बीए, बीएड कर रखा। वह प्रयागराज में हरकर सिविल की तैयारी कर रहा है।