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Sant Kabir Nagar News: लेंस खत्म होने से सर्जरी ठप, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए इंतजार में मरीज
Sat, 21 Feb 2026 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:02 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले एक सप्ताह से लेंस खत्म होने के कारण मोतियाबिंद की सर्जरी ठप हो गई है। इससे ऑपरेशन के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में आमतौर पर हर सप्ताह 35 से 40 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन पिछले सप्ताह से लेंस उपलब्ध न होने के कारण सर्जरी नहीं हो पा रही है। मरीजों को फिलहाल जांच कर दवाएं देकर अगले सप्ताह आने के लिए कहा जा रहा है। शुक्रवार को सर्जरी के लिए आंख की जांच कराने आए महुलानी के महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि बाईं आंख का ऑपरेशन करवाना है, लेकिन डॉक्टरों ने लेंस न होने की बात कहकर अगले सप्ताह आने को कहा है।
वहीं, डुमरियागंज की चंद्रावती ने बताया कि नवंबर में दाईं आंख का ऑपरेशन हुआ था और तीन माह बाद बाईं आंख की सर्जरी के लिए कहा गया था। शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचने पर उन्हें भी लेंस उपलब्ध न होने की जानकारी देकर सोमवार को आने के लिए कहा गया।
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मोतियाबिंद सर्जरी के लिए लेंस का ऑर्डर
लेंस की आपूर्ति सीएमओ कार्यालय के माध्यम से की जाती है। लेंस खत्म होने के कारण सर्जरी अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लेंस का ऑर्डर दे दिया गया है और मंगलवार से सर्जरी शुरू होने की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों में 15 से 25 हजार तक खर्च
मेडिकल कॉलेज में आंख की सर्जरी निशुल्क की जाती है, जबकि निजी अस्पतालों में इसी सर्जरी के लिए मरीजों से 15 से 25 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। इसमें अलग-अलग गुणवत्ता के लेंस की कीमत भी शामिल रहती है।
आयुष्मान कार्ड से अन्य जिलों में हो रही सर्जरी
जिले में सर्जरी ठप होने के बीच कुछ मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत बस्ती और नौतनवा के निजी अस्पतालों में निशुल्क सर्जरी करवा रहे हैं। चिकित्सकों की टीम गांवों में पहुंचकर जांच कर रही है और पात्र पाए जाने पर मरीजों को अपने वाहन से ले जाकर दो दिन में सर्जरी कर वापस छोड़ रही है। इससे आयुष्मान कार्ड धारक मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
ठंड के मौसम में सर्जरी अधिक होने से लेंस की कमी हो गई है। तत्काल लेंस मंगाने के लिए ऑर्डर कर दिया गया है। लेंस आते ही सर्जरी शुरू कर दी जाएगी। मरीजों की जांच जारी है और अगले सप्ताह से ऑपरेशन शुरू होंगे।
- डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ
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मेडिकल कॉलेज में आमतौर पर हर सप्ताह 35 से 40 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन पिछले सप्ताह से लेंस उपलब्ध न होने के कारण सर्जरी नहीं हो पा रही है। मरीजों को फिलहाल जांच कर दवाएं देकर अगले सप्ताह आने के लिए कहा जा रहा है। शुक्रवार को सर्जरी के लिए आंख की जांच कराने आए महुलानी के महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि बाईं आंख का ऑपरेशन करवाना है, लेकिन डॉक्टरों ने लेंस न होने की बात कहकर अगले सप्ताह आने को कहा है।
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वहीं, डुमरियागंज की चंद्रावती ने बताया कि नवंबर में दाईं आंख का ऑपरेशन हुआ था और तीन माह बाद बाईं आंख की सर्जरी के लिए कहा गया था। शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचने पर उन्हें भी लेंस उपलब्ध न होने की जानकारी देकर सोमवार को आने के लिए कहा गया।
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मोतियाबिंद सर्जरी के लिए लेंस का ऑर्डर
लेंस की आपूर्ति सीएमओ कार्यालय के माध्यम से की जाती है। लेंस खत्म होने के कारण सर्जरी अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लेंस का ऑर्डर दे दिया गया है और मंगलवार से सर्जरी शुरू होने की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों में 15 से 25 हजार तक खर्च
मेडिकल कॉलेज में आंख की सर्जरी निशुल्क की जाती है, जबकि निजी अस्पतालों में इसी सर्जरी के लिए मरीजों से 15 से 25 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। इसमें अलग-अलग गुणवत्ता के लेंस की कीमत भी शामिल रहती है।
आयुष्मान कार्ड से अन्य जिलों में हो रही सर्जरी
जिले में सर्जरी ठप होने के बीच कुछ मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत बस्ती और नौतनवा के निजी अस्पतालों में निशुल्क सर्जरी करवा रहे हैं। चिकित्सकों की टीम गांवों में पहुंचकर जांच कर रही है और पात्र पाए जाने पर मरीजों को अपने वाहन से ले जाकर दो दिन में सर्जरी कर वापस छोड़ रही है। इससे आयुष्मान कार्ड धारक मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
ठंड के मौसम में सर्जरी अधिक होने से लेंस की कमी हो गई है। तत्काल लेंस मंगाने के लिए ऑर्डर कर दिया गया है। लेंस आते ही सर्जरी शुरू कर दी जाएगी। मरीजों की जांच जारी है और अगले सप्ताह से ऑपरेशन शुरू होंगे।
- डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ