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कोटा चयन में हंगामा
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कोटा चयन में हंगामा, मौके से फरार हुए अधिकारी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के अशरफपुर गांव में शुक्रवार को कोटे की दुकान का चयन करने के लिए बुलाई गई बैठक में दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। जिससे चयन कराने के लिए पहुंचे ब्लॉक कर्मी भाग निकले और दूसरी बार भी कोटे की दुकान का चयन नहीं हो सका।
अशरफपुर में कोटे की दुकान काफी दिनों से रिक्त चल रही हैं। तीन माह पहले एसडीएम की मौजूदगी में दुकान का चयन हुआ था, लेकिन बाद में उस बैठक को निरस्त कर दिया गया। शुक्रवार को एडीओ पंचायत दिनेश राय, सेक्रेटरी बांकेलाल कोटे की दुकान का चयन कराने के लिए भारी पुलिस बल के साथ अशरफपुर में पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय के बगल बैठक शुरू हुई तो रामसुगेंद्र और किसा यादव कोटे की दुकान के लिए दावेदारी पेश किए। उसके बाद एडीओ पंचायत के कहने पर दोनों लोगों के समर्थक अलग-अलग लाइन में बैठाए जाने लगे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हंगामा होने लगा। दोनों तरफ से हाथा पाई की नौबत आता देख पुलिस कर्मी लोगों को समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान एडीओ पंचायत और उनके साथ मौजूद ब्लॉक कर्मी वहा से भाग निकले। जिससे बैठक पूर्ण नही हो सकी। इस संबध में एडीओ पंचायत दिनेश राय का कहना है कि वहा बवाल होने की संभावना प्रबल हो गई थी। पुलिस प्रर्याप्त नहीं थी। इसी कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। जबकि एक पक्ष के लोग एडीओ पंचायत पर जानबूझ कर कोटे का चयन न कराने का आरोप लगाए।
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धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के अशरफपुर गांव में शुक्रवार को कोटे की दुकान का चयन करने के लिए बुलाई गई बैठक में दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। जिससे चयन कराने के लिए पहुंचे ब्लॉक कर्मी भाग निकले और दूसरी बार भी कोटे की दुकान का चयन नहीं हो सका।
अशरफपुर में कोटे की दुकान काफी दिनों से रिक्त चल रही हैं। तीन माह पहले एसडीएम की मौजूदगी में दुकान का चयन हुआ था, लेकिन बाद में उस बैठक को निरस्त कर दिया गया। शुक्रवार को एडीओ पंचायत दिनेश राय, सेक्रेटरी बांकेलाल कोटे की दुकान का चयन कराने के लिए भारी पुलिस बल के साथ अशरफपुर में पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय के बगल बैठक शुरू हुई तो रामसुगेंद्र और किसा यादव कोटे की दुकान के लिए दावेदारी पेश किए। उसके बाद एडीओ पंचायत के कहने पर दोनों लोगों के समर्थक अलग-अलग लाइन में बैठाए जाने लगे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हंगामा होने लगा। दोनों तरफ से हाथा पाई की नौबत आता देख पुलिस कर्मी लोगों को समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान एडीओ पंचायत और उनके साथ मौजूद ब्लॉक कर्मी वहा से भाग निकले। जिससे बैठक पूर्ण नही हो सकी। इस संबध में एडीओ पंचायत दिनेश राय का कहना है कि वहा बवाल होने की संभावना प्रबल हो गई थी। पुलिस प्रर्याप्त नहीं थी। इसी कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। जबकि एक पक्ष के लोग एडीओ पंचायत पर जानबूझ कर कोटे का चयन न कराने का आरोप लगाए।
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