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अपहृत अधिवक्ता की लखनऊ में हत्या
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गायब हुए आरटीओ के अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी।
- फोटो : KHALILABAD
अपहृत अधिवक्ता की लखनऊ में हत्या
- मुकदमे सुलह के बहाने बुलाकर दोस्तों के साथ मिलकर मार डाला
- एसटीएफ और संतकबीरनगर नगर की पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
- घटना में प्रयुक्त कार, मृतक की कार और बाइक, एटीएम, आधार कार्ड व मोबाइल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपहृत अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी की लखनऊ में हत्या कर शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। एसटीएफ और संतकबीरनगर की संयुक्त टीम ने सोमवार को लखनऊ में हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त गाड़ी, अधिवक्ता की कार ,गमछा, मोबाइल, एटीएम और आधार कार्ड आदि बरामद कर लिया।
एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि संतकबीरनगर जिले की कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बडी सरौली निवासी आरटीओ में अधिवक्ता छह सितंबर को निजी गाड़ी से लखनऊ के लिए घर से निकले थे। उसके बाद से वह लापता हो गए थे। इस संबंध में परिजनों ने पहले कोतवाली खलीलाबाद में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी संतकबीरनगर ब्रजेश सिंह की ओर से एसटीएफ के आईजी से सहयोग मांगा गया। इधर रामगोपाल के भाई अयोध्या त्रिपाठी ने कोतवाली खलीलाबाद में 22 सितंबर को तहरीर देकर सुभाष कन्नौजिया निवासी शिवापार थाना बखिरा पर अन्य साथियों के साथ मिलकर पैसे के लेनदेने में अपहरण करके अधिवक्ता भाई की हत्या कर दिए जाने की आशंका जताई। पुलिस ने आरोपी सुभाष कन्नौजिया पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया।
इधर संतकबीरनगर पुलिस के साथ एसटीएफ लखनऊ ने मिलकर मामले की पड़ताल शुरू की। बाद में पता चला कि सात सितंबर को अपहृत अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी सात सितंबर की रात करीब आठ बजे नई जेल लखनऊ के आस-पास थे। बाद में पता चला कि जनपद संतकबीरनगर निवासी सुरेश कन्नौजिया द्वारा अपहृत राम गोपाल त्रिपाठी के खिलाफ वर्ष 2012 में मेंहदावल थाने में एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुरेश कन्नौजिया का भाई सुभाष कन्नौजिया लखनऊ में रहता है। उसी मुकदमें में सुलह कराने के लिए अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी को छह सितंबर को लखनऊ बुलाया था। जांच में सामने आया कि सात सितंबर की शाम को सुभाष कन्नौजिया और दो लोगों के साथ अपहृत अधिवक्ता को देखा गया था। एसटीएफ के इंस्पेक्टर पंकज मिश्र और संतकबीरनगर के एसआई धर्मेंद्र सिंह की टीम ने सोमवार को शहीदपथ गोमती नगर से सुभाष कन्नौजिया और सोमनाथ सोलंकी को पकडा। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सात सितंबर को ही अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की हत्या करके लाश को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। पूछताछ में आरोपी सुभाष कन्नौजिया ने बताया कि कोतवाली नगर खलीलाबाद क्षेत्र में कामता यादव, अभय जैन व उमाशंकर दास के संयुक्त रकबे की लगभग ढाई बीघा जमीन का उसने पांच करोड़ में एग्रीमेंट कराया था। शहर के अंदर की जमीन होने के कारण इस जमीन में कई लोगों ने उसके पास अपने पैसे का निवेश किया। जिनसे प्राप्त लगभग दो करोड़ रुपये उसके जरिए विक्रेतागणों को अदा किए गए थे। राम गोपाल त्रिपाठी ने निवेशकों को यह कहकर भड़का दिया कि यह विवादित जमीन है और इसमें लगाया हुआ पैसा डूब जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय लोगों से उक्त जमीन को जोतवा दिया। जिससे निवेशक भड़क गए और उसे बंधक बना कर पीटा। इसके साथ ही पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाया। छूटने पर वह भाग कर लखनऊ पहुंच गया। इसी बीच निवेशकों ने उसके शिक्षा मित्र भाई सुरेश का अपहरण कर पिटाई की तथा पैसा वापस कराने का दबाव बनाया। उसके भाई सुरेश द्वारा अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी समेत अन्य पर एसीएसीएटी एक्ट का मुुुकदमा दर्ज कराया गया। इसीलिए हत्या की योजना तैयार की और संतकबीरनगर के साथी सोमनाथ सोलंकी और सूरज सिंह को तैयार किया। योजना के तहत पांच सितंबर को सोमनाथ सोलंकी व सूरज लखनऊ पहुंच गए। योजना के तहत अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी को बुलाकर हत्या कर दी। तीनों आरोपियों ने मिलकर लाश को इंदिरा नहर में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर अधिवक्ता की कार बरामद की गई। पकडे गए आरोपियो को ट्रांजिट रिमांड पर संतकबीरनगर लाया जाएगा।
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- मुकदमे सुलह के बहाने बुलाकर दोस्तों के साथ मिलकर मार डाला
- एसटीएफ और संतकबीरनगर नगर की पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
- घटना में प्रयुक्त कार, मृतक की कार और बाइक, एटीएम, आधार कार्ड व मोबाइल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपहृत अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी की लखनऊ में हत्या कर शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। एसटीएफ और संतकबीरनगर की संयुक्त टीम ने सोमवार को लखनऊ में हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त गाड़ी, अधिवक्ता की कार ,गमछा, मोबाइल, एटीएम और आधार कार्ड आदि बरामद कर लिया।
एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि संतकबीरनगर जिले की कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बडी सरौली निवासी आरटीओ में अधिवक्ता छह सितंबर को निजी गाड़ी से लखनऊ के लिए घर से निकले थे। उसके बाद से वह लापता हो गए थे। इस संबंध में परिजनों ने पहले कोतवाली खलीलाबाद में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी संतकबीरनगर ब्रजेश सिंह की ओर से एसटीएफ के आईजी से सहयोग मांगा गया। इधर रामगोपाल के भाई अयोध्या त्रिपाठी ने कोतवाली खलीलाबाद में 22 सितंबर को तहरीर देकर सुभाष कन्नौजिया निवासी शिवापार थाना बखिरा पर अन्य साथियों के साथ मिलकर पैसे के लेनदेने में अपहरण करके अधिवक्ता भाई की हत्या कर दिए जाने की आशंका जताई। पुलिस ने आरोपी सुभाष कन्नौजिया पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया।
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इधर संतकबीरनगर पुलिस के साथ एसटीएफ लखनऊ ने मिलकर मामले की पड़ताल शुरू की। बाद में पता चला कि सात सितंबर को अपहृत अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी सात सितंबर की रात करीब आठ बजे नई जेल लखनऊ के आस-पास थे। बाद में पता चला कि जनपद संतकबीरनगर निवासी सुरेश कन्नौजिया द्वारा अपहृत राम गोपाल त्रिपाठी के खिलाफ वर्ष 2012 में मेंहदावल थाने में एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुरेश कन्नौजिया का भाई सुभाष कन्नौजिया लखनऊ में रहता है। उसी मुकदमें में सुलह कराने के लिए अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी को छह सितंबर को लखनऊ बुलाया था। जांच में सामने आया कि सात सितंबर की शाम को सुभाष कन्नौजिया और दो लोगों के साथ अपहृत अधिवक्ता को देखा गया था। एसटीएफ के इंस्पेक्टर पंकज मिश्र और संतकबीरनगर के एसआई धर्मेंद्र सिंह की टीम ने सोमवार को शहीदपथ गोमती नगर से सुभाष कन्नौजिया और सोमनाथ सोलंकी को पकडा। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सात सितंबर को ही अधिवक्ता राम गोपाल त्रिपाठी की हत्या करके लाश को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। पूछताछ में आरोपी सुभाष कन्नौजिया ने बताया कि कोतवाली नगर खलीलाबाद क्षेत्र में कामता यादव, अभय जैन व उमाशंकर दास के संयुक्त रकबे की लगभग ढाई बीघा जमीन का उसने पांच करोड़ में एग्रीमेंट कराया था। शहर के अंदर की जमीन होने के कारण इस जमीन में कई लोगों ने उसके पास अपने पैसे का निवेश किया। जिनसे प्राप्त लगभग दो करोड़ रुपये उसके जरिए विक्रेतागणों को अदा किए गए थे। राम गोपाल त्रिपाठी ने निवेशकों को यह कहकर भड़का दिया कि यह विवादित जमीन है और इसमें लगाया हुआ पैसा डूब जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय लोगों से उक्त जमीन को जोतवा दिया। जिससे निवेशक भड़क गए और उसे बंधक बना कर पीटा। इसके साथ ही पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाया। छूटने पर वह भाग कर लखनऊ पहुंच गया। इसी बीच निवेशकों ने उसके शिक्षा मित्र भाई सुरेश का अपहरण कर पिटाई की तथा पैसा वापस कराने का दबाव बनाया। उसके भाई सुरेश द्वारा अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी समेत अन्य पर एसीएसीएटी एक्ट का मुुुकदमा दर्ज कराया गया। इसीलिए हत्या की योजना तैयार की और संतकबीरनगर के साथी सोमनाथ सोलंकी और सूरज सिंह को तैयार किया। योजना के तहत पांच सितंबर को सोमनाथ सोलंकी व सूरज लखनऊ पहुंच गए। योजना के तहत अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी को बुलाकर हत्या कर दी। तीनों आरोपियों ने मिलकर लाश को इंदिरा नहर में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर अधिवक्ता की कार बरामद की गई। पकडे गए आरोपियो को ट्रांजिट रिमांड पर संतकबीरनगर लाया जाएगा।
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