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गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात वर्ष की सजा
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गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात वर्ष की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अनिल कुमार वशिष्ठ ने गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न किए जाने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि ज्वाला प्रसाद पुत्र राम वृक्ष निवासी हड़िया माफी थाना धनघटा ने तहरीर दिया। जिसमें आरोप मढ़ा कि उसके बाबा राम समुझ पुत्र खुरचून ग्यारह सितंबर वर्ष 2017 को दरवाजे पर चारपाई पर बैठे थे। मोती लाल पुत्र राम देव ने पुरानी रंजिश में बाबा की पिटाई कर दी। बाबा का सिर फूट गया और दांत टूट गया है। आंख बाहर निकल आई।
मौके पर पुलिस पहुंची एंबुलेंस से सीएचसी मलौली ले गए, जहां से रेफर किए जाने पर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसम मुकदमा पंजीकृत हुआ। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ।
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सुनवाई और गवाही के पश्चात न्यायालय ने दोषी मोती लाल को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अनिल कुमार वशिष्ठ ने गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न किए जाने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि ज्वाला प्रसाद पुत्र राम वृक्ष निवासी हड़िया माफी थाना धनघटा ने तहरीर दिया। जिसमें आरोप मढ़ा कि उसके बाबा राम समुझ पुत्र खुरचून ग्यारह सितंबर वर्ष 2017 को दरवाजे पर चारपाई पर बैठे थे। मोती लाल पुत्र राम देव ने पुरानी रंजिश में बाबा की पिटाई कर दी। बाबा का सिर फूट गया और दांत टूट गया है। आंख बाहर निकल आई।
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मौके पर पुलिस पहुंची एंबुलेंस से सीएचसी मलौली ले गए, जहां से रेफर किए जाने पर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसम मुकदमा पंजीकृत हुआ। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ।
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सुनवाई और गवाही के पश्चात न्यायालय ने दोषी मोती लाल को सात वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।