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Sant Kabir Nagar News: शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में एक आरोपी की संपत्ति की जांच
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संतकबीरनगर। शेयर मार्केट में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। विवेचना के दौरान अब एक आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी ने ठगी से अर्जित धनराशि को किन-किन माध्यमों से निवेश किया और उसके नाम अथवा परिजनों के नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गई हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, बैंक और अन्य संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महुली थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी आरोपी विक्रांत की संपत्तियों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। विवेचक उसकी जमीन, मकान, बैंक खाते, वाहन और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने ठगी की रकम को अन्य लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदकर खपाने का प्रयास तो नहीं किया। बताया जा रहा है कि विवेचना में अब आर्थिक पहलुओं पर विशेष फोकस किया गया है।
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जांच टीम आरोपी के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्ति संबंधी अभिलेखों का मिलान कर रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी ने ठगी की रकम से संपत्तियां अर्जित की हैं तो नियमानुसार उन्हें कुर्क कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पीड़ितों से मिली जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा किया जा सके। जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।
इस प्रकरण में पहले से दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क और संपत्ति के स्रोत की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
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जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी ने ठगी से अर्जित धनराशि को किन-किन माध्यमों से निवेश किया और उसके नाम अथवा परिजनों के नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गई हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, बैंक और अन्य संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, महुली थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी आरोपी विक्रांत की संपत्तियों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। विवेचक उसकी जमीन, मकान, बैंक खाते, वाहन और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने ठगी की रकम को अन्य लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदकर खपाने का प्रयास तो नहीं किया। बताया जा रहा है कि विवेचना में अब आर्थिक पहलुओं पर विशेष फोकस किया गया है।
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जांच टीम आरोपी के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्ति संबंधी अभिलेखों का मिलान कर रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी ने ठगी की रकम से संपत्तियां अर्जित की हैं तो नियमानुसार उन्हें कुर्क कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पीड़ितों से मिली जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा किया जा सके। जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।
इस प्रकरण में पहले से दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क और संपत्ति के स्रोत की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।