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Sant Kabir Nagar News: गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी के निर्देश
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संतकबीरनगर। एसपी संदीप कुमार मीना ने बुधवार को पुलिस कार्यालय में जनपद के सभी अभियोजन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर गंभीर एवं चिह्नित अपराधों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों को त्वरित एवं कठोर सजा दिलाने के लिए अभियोजन और विवेचना अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
बैठक में पाॅक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट तथा एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई। एसपी ने महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने हत्या, गैर-इरादतन हत्या, डकैती, लूट और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों से संबंधित मुकदमों में अभियोजन की कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया। साथ ही गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई, जिला बदर एवं अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की।
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बैठक में लंबित मुकदमों में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया गया। एसपी ने निर्देश दिए कि गवाहों को समय से सम्मन तामील कराया जाए, जिससे न्यायालय में गवाही की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके और मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो। अभियोजन अधिकारियों को पुलिस विवेचना अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा न्यायालय में केस डायरी एवं साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके।
समीक्षा बैठक में अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस कार्यालय के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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बैठक में पाॅक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट तथा एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई। एसपी ने महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
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उन्होंने हत्या, गैर-इरादतन हत्या, डकैती, लूट और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों से संबंधित मुकदमों में अभियोजन की कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया। साथ ही गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई, जिला बदर एवं अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की।
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बैठक में लंबित मुकदमों में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया गया। एसपी ने निर्देश दिए कि गवाहों को समय से सम्मन तामील कराया जाए, जिससे न्यायालय में गवाही की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके और मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो। अभियोजन अधिकारियों को पुलिस विवेचना अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा न्यायालय में केस डायरी एवं साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके।
समीक्षा बैठक में अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस कार्यालय के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।