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Sant Kabir Nagar News: हाइड्रोपोनिक विधि से चारा उत्पादन मॉडल का निरीक्षण
Tue, 23 Jul 2024 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 23 Jul 2024 12:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को मड़या स्थित कान्हा गौशाला में स्थापित हाइड्रोपोनिक विधि से मक्का, हरा चारा उत्पादन मॉडल का निरीक्षण किया।
इस दौरान बताया गया कि हाइड्रोपोनिक विधि से एक किलो मक्का बीज से सात से आठ दिन में सात किलो हरा चारा प्रत्येक ट्रे में उत्पादित होता है। जो कि पशुओं के लिए हरे चारे की आपूर्ति करता है। दुधारू गोवंश के लिए प्रत्येक दिवस सुबह- शाम एक ट्रे हरा चारा एवं दो से तीन किलो भूसा पर्याप्त होता है। जबकि जीवन निर्वाह के लिए इसकी आधी मात्रा सुबह-शाम पर्याप्त होती है।
डीएम के निर्देश पर उप निदेशक कृषि एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कि देखरेख में स्थानीय स्टार पर 32 ट्रे युक्त यह हाइड्रोपोनिक उपकरण माडल लगभग 20,000 रुपये की लागत में तैयार कराया गया। इसमें अंकुरित मक्का बीज स्वचालित वाटर मिस्टिंग मशीन से निर्धारित समय- समय पर सिंचित कर आठ दिवस में सात किग्रा हरा चारा प्रत्येक ट्रे में तैयार किया गया। जिसे बड़े स्तर पर तैयार करने में लागत और घटती है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने नगरीय क्षेत्रों के गोशालों में इस हाइड्रोपोनिक उपकरण को स्थापित किए जाने का प्रोजेक्ट एवं रणनीति तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए।
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संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को मड़या स्थित कान्हा गौशाला में स्थापित हाइड्रोपोनिक विधि से मक्का, हरा चारा उत्पादन मॉडल का निरीक्षण किया।
इस दौरान बताया गया कि हाइड्रोपोनिक विधि से एक किलो मक्का बीज से सात से आठ दिन में सात किलो हरा चारा प्रत्येक ट्रे में उत्पादित होता है। जो कि पशुओं के लिए हरे चारे की आपूर्ति करता है। दुधारू गोवंश के लिए प्रत्येक दिवस सुबह- शाम एक ट्रे हरा चारा एवं दो से तीन किलो भूसा पर्याप्त होता है। जबकि जीवन निर्वाह के लिए इसकी आधी मात्रा सुबह-शाम पर्याप्त होती है।
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डीएम के निर्देश पर उप निदेशक कृषि एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कि देखरेख में स्थानीय स्टार पर 32 ट्रे युक्त यह हाइड्रोपोनिक उपकरण माडल लगभग 20,000 रुपये की लागत में तैयार कराया गया। इसमें अंकुरित मक्का बीज स्वचालित वाटर मिस्टिंग मशीन से निर्धारित समय- समय पर सिंचित कर आठ दिवस में सात किग्रा हरा चारा प्रत्येक ट्रे में तैयार किया गया। जिसे बड़े स्तर पर तैयार करने में लागत और घटती है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने नगरीय क्षेत्रों के गोशालों में इस हाइड्रोपोनिक उपकरण को स्थापित किए जाने का प्रोजेक्ट एवं रणनीति तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए।
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