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Sant Kabir Nagar News: एचआरपीजी कॉलेज में शोध के प्रति छात्रों का बढ़ा रुझान
Fri, 10 Nov 2023 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 10 Nov 2023 01:20 AM IST
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संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में शोध के लिए छात्रों का रूझान बढ़ा है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से कॉलेज को प्री पीएचडी की मान्यता मिली है। जिसके बाद कुल सात विभागों में 29 छात्र विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे है। तीन साल के बाद इन छात्रों को डॉक्टरेट की उपाधि मिल जाएगी।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध एचआरपीजी कॉलेज में वैसे तो सभी प्रकार के विषयों की मान्यता है। इसमे स्नातक, परास्नातक, बीएड के साथ ही एमएससी में विभिन्न विषयों की मान्यता है। कॉलेज में वर्तमान में करीब 3500 छात्र नामांकित है। कॉलेज को इस वर्ष सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्री पीएचडी की मान्यता मिली है। यहां पर हिंदी, भूगोल, प्राचीन इतिहास, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य, बीएड, शिक्षा शास्त्र में पीएचडी के लिए छात्रों का रुझान बढ़ा है। इन विभागों में कुल 29 छात्र विभिन्न विषयों पर अपना शोध कार्य कर रहे है। शोध की कुल अवधि तीन वर्ष की है। उसके बाद इन छात्रों को डॉक्टरेट की उपाधि मिलेगी। एक असिस्टेंट प्रोफेसर को चार और एसोसिएटस प्रोफेसर को छह छात्रों को शोध कराने का नियम है।
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काॅलेज के कुल सात विषयों में 29 छात्र शोध कर रहे हैं। यह शोध विभिन्न विषयों पर है। कॉलेज को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्री पीएचडी की मान्यता मिल चुकी है। शोध के प्रति छात्रों की संख्या अभी बढ़ेगी। -प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध एचआरपीजी कॉलेज में वैसे तो सभी प्रकार के विषयों की मान्यता है। इसमे स्नातक, परास्नातक, बीएड के साथ ही एमएससी में विभिन्न विषयों की मान्यता है। कॉलेज में वर्तमान में करीब 3500 छात्र नामांकित है। कॉलेज को इस वर्ष सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्री पीएचडी की मान्यता मिली है। यहां पर हिंदी, भूगोल, प्राचीन इतिहास, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य, बीएड, शिक्षा शास्त्र में पीएचडी के लिए छात्रों का रुझान बढ़ा है। इन विभागों में कुल 29 छात्र विभिन्न विषयों पर अपना शोध कार्य कर रहे है। शोध की कुल अवधि तीन वर्ष की है। उसके बाद इन छात्रों को डॉक्टरेट की उपाधि मिलेगी। एक असिस्टेंट प्रोफेसर को चार और एसोसिएटस प्रोफेसर को छह छात्रों को शोध कराने का नियम है।
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काॅलेज के कुल सात विषयों में 29 छात्र शोध कर रहे हैं। यह शोध विभिन्न विषयों पर है। कॉलेज को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्री पीएचडी की मान्यता मिल चुकी है। शोध के प्रति छात्रों की संख्या अभी बढ़ेगी। -प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज
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