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Sant Kabir Nagar News: ईंट भट्ठों के जिग-जैग परिवर्तन की समय सीमा बढ़ाई जाए
Wed, 01 Jul 2026 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:46 AM IST
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संतकबीरनगर। जिला ईंट निर्माता समिति ने पारंपरिक ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने की निर्धारित समय सीमा दो वर्ष बढ़ाने की मांग की है। समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन धनघटा विधायक गणेश चौहान को सौंपा।
समिति के अध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों का प्रमुख रोजगार आधारित उद्योग है। यह बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित होता है और हजारों परिवारों के भरण-पोषण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ईंट-भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने पर प्रत्येक भट्ठे पर लगभग 50 से 60 लाख रुपये का खर्च आता है। वर्तमान समय में ईंट कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है, जिससे भट्ठा संचालकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उत्पादन लागत बढ़ने और कई स्थानों पर बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
उन्होंने मांग की है कि भट्ठा संचालकों की आर्थिक स्थिति और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पारंपरिक ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने की समय सीमा दो वर्ष बढ़ाई जाए, ताकि उद्योग को राहत मिल सके। इस दौरान महामंत्री दिनेश कुमार सिंह (मन्नू), मोहम्मद फैसल खान सहित अन्य समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
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समिति के अध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों का प्रमुख रोजगार आधारित उद्योग है। यह बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित होता है और हजारों परिवारों के भरण-पोषण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ईंट-भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने पर प्रत्येक भट्ठे पर लगभग 50 से 60 लाख रुपये का खर्च आता है। वर्तमान समय में ईंट कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है, जिससे भट्ठा संचालकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उत्पादन लागत बढ़ने और कई स्थानों पर बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
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उन्होंने मांग की है कि भट्ठा संचालकों की आर्थिक स्थिति और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पारंपरिक ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने की समय सीमा दो वर्ष बढ़ाई जाए, ताकि उद्योग को राहत मिल सके। इस दौरान महामंत्री दिनेश कुमार सिंह (मन्नू), मोहम्मद फैसल खान सहित अन्य समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
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