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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   In PM SHRI schools, report cards will now reflect not just marks, but also a child's talent.

Sant Kabir Nagar News: पीएम श्री विद्यालयों में अब नंबर ही नहीं, बच्चों का टैलेंट भी बताएगा रिपोर्ट कार्ड

Wed, 21 Oct 2026 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:36 PM IST
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In PM SHRI schools, report cards will now reflect not just marks, but also a child's talent.
मेंहदावल। पीएम श्री विद्यालयों में अभी तक रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ हिंदी, अंग्रेजी, गणित, ईवीएस के नंबर ही दिखते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब पीएम श्री स्कूलों के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह बदल गया है। रिपोर्ट कार्ड अब बच्चे का समग्र दर्पण बनेगा और बच्चों के नंबरों के साथ अभिभावकों के साथ उनकी प्रतिभा भी साझा की जाएगी।
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एसआरजी भास्कर त्रिपाठी ने बताया बेसिक शिक्षा विभाग ने पीएमश्री विद्यालयों में बच्चों का आकलन करने के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड लागू कर दिया है। उन्होंने बताया होलिस्टिक का मतलब सर्वांगीण है। यानी बच्चे का हर तरह से मूल्यांकन। अब तक रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ यह लिखा होता था कि बच्चे ने परीक्षा में कितने अंक पाए लेकिन नए कार्ड में पांच बड़े बदलाव होंगे।
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शैक्षिक प्रगति के साथ व्यवहार का लेखा-जोखा दर्ज किया जाएगा। इसमें बच्चे के नंबरों के साथ उसका कक्षा में व्यवहार, दूसरों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी लिखी जाएगी। इसके अलावा रुचि और हुनर पर फोकस पर बच्चा खेल में अच्छा है गाने में चित्रकला में या किसी और कला में यह भी इसमें दर्ज होगा। शारीरिक और मानसिक विकास इसमें बच्चे की शारीरिक फिटनेस खान-पान, साफ-सफाई और भावनात्मक स्थिति का भी आकलन होगा।
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शिक्षक की टिप्पणी इसमें हर बच्चे के लिए कक्षा शिक्षक अपनी विशेष टिप्पणी लिखेंगे कि बच्चे को किस विषय में और मेहनत की जरूरत है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया यह बच्चों और अभिभावकों के लिए एक नई उपलब्धि होगी। इसके माध्यम से बच्चों का सटीक आकलन होगा।

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बच्चों और अभिभावकों को होगा लाभ
मेंहदावल। बीईओ गरिमा यादव ने बताया इस कार्ड के माध्यम से सबसे बड़ा फायदा अभिभावकों को होगा। अब उन्हें सिर्फ यह नहीं पता चलेगा कि बच्चा फेल या पास है बल्कि यह भी पता चलेगा कि बच्चा किस क्षेत्र में कमजोर है व किसमें होशियार। अगर बच्चा गणित में कमजोर है तो शिक्षक की टिप्पणी से अभिभावक घर पर ध्यान दे सकेंगे। इससे बच्चों पर नंबरों का दबाव कम होगा। क्योंकि अब सिर्फ रटने से काम नहीं चलेगा, उसके पूरे व्यक्तित्व को निखारा जाएगा। विभाग ने तय किया है कि यह रिपोर्ट कार्ड साल में दो बार भरा जाएगा। पहली बार सितंबर में और दूसरी बार मार्च में ताकि पूरे साल की प्रगति एक साथ देखी जा सके। संवाद
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