{"_id":"668c27600c3a43816c093711","slug":"ict-lab-established-at-nine-brcs-children-will-get-education-in-modern-way-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-117306-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: नौ बीआरसी पर आईसीटी लैब स्थापित, आधुनिक तरीके से शिक्षा लेंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: नौ बीआरसी पर आईसीटी लैब स्थापित, आधुनिक तरीके से शिक्षा लेंगे बच्चे
Mon, 08 Jul 2024 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 08 Jul 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
- जिले में 152 स्कूलों में शुरू हुआ स्मार्ट क्लास, 34 स्कूलों में खोलने की तैयारी
- शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित यू-ट्यूब से विशेष कक्षाओं का होगा संचालन
शिक्षण कार्य आधुनिक तरीके से हो सके
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिले के सभी नौ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर इंफार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) लैब स्थापित कर दी गई है। इस लैब से यू-ट्यूब से विशेष कक्षाओं का संचालन होने के साथ-साथ शासन स्तर से होने वाले कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण देख सकेंगे।
जनपद में 1247 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें एक लाख चार हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। इनमें से 152 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गया है। 35 और स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने की तैयारी है। इसके छात्र-छात्राओं को निजी विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा मिल सकेगी और शिक्षण कार्य आधुनिक तरीके से हो सके। इसके लिए शासन प्रयास कर रहा है। इसमें विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
विकास खंड को नोडल के रूप में काम करने के लिए शासन ने सभी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आईसीटी लैब स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीआरसी खलीलाबाद, पौली, मेंहदावल, बघौली, हैंसर, नाथनगर, सेमरियावां, बेलहर और सांथा में आईसीटी लैब स्थापित हो गई है। इस लैब से शिक्षकों के प्रशिक्षण और अन्य कार्यों के लिए अन्यत्र जगह नहीं जाना पड़ रहा है। लैब में एक इंटरेक्टिव पैनल भी लगाया गया है।
विज्ञापन
इसके संचालन के लिए विकास खंड के ही तकनीकी जानकारी रखने वाले शिक्षक को प्रशिक्षित किया गया है। इतना ही नहीं यहां पर छात्र-छात्राओं के लिए यू-ट्यूब से विशेष कक्षाएं भी चलेंगी। शासन स्तर से कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण और अधिकारी वीडियों कांफ्रेसिंग कर शिक्षक और बच्चों की जानकारी ले सकेंगे।
सभी नौ ब्लॉकों में आईसीटी लैब तैयार है। इससे शिक्षक और विभाग की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। विद्यर्थियों को हाईटेक शिक्षा दी जा सकेगी। परिषदीय विद्यालय के छात्र आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे।
- अमित कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
- शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित यू-ट्यूब से विशेष कक्षाओं का होगा संचालन
शिक्षण कार्य आधुनिक तरीके से हो सके
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिले के सभी नौ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर इंफार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) लैब स्थापित कर दी गई है। इस लैब से यू-ट्यूब से विशेष कक्षाओं का संचालन होने के साथ-साथ शासन स्तर से होने वाले कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण देख सकेंगे।
जनपद में 1247 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें एक लाख चार हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। इनमें से 152 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गया है। 35 और स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने की तैयारी है। इसके छात्र-छात्राओं को निजी विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा मिल सकेगी और शिक्षण कार्य आधुनिक तरीके से हो सके। इसके लिए शासन प्रयास कर रहा है। इसमें विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
विकास खंड को नोडल के रूप में काम करने के लिए शासन ने सभी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आईसीटी लैब स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीआरसी खलीलाबाद, पौली, मेंहदावल, बघौली, हैंसर, नाथनगर, सेमरियावां, बेलहर और सांथा में आईसीटी लैब स्थापित हो गई है। इस लैब से शिक्षकों के प्रशिक्षण और अन्य कार्यों के लिए अन्यत्र जगह नहीं जाना पड़ रहा है। लैब में एक इंटरेक्टिव पैनल भी लगाया गया है।
विज्ञापन
इसके संचालन के लिए विकास खंड के ही तकनीकी जानकारी रखने वाले शिक्षक को प्रशिक्षित किया गया है। इतना ही नहीं यहां पर छात्र-छात्राओं के लिए यू-ट्यूब से विशेष कक्षाएं भी चलेंगी। शासन स्तर से कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण और अधिकारी वीडियों कांफ्रेसिंग कर शिक्षक और बच्चों की जानकारी ले सकेंगे।
सभी नौ ब्लॉकों में आईसीटी लैब तैयार है। इससे शिक्षक और विभाग की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। विद्यर्थियों को हाईटेक शिक्षा दी जा सकेगी। परिषदीय विद्यालय के छात्र आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे।
- अमित कुमार सिंह, बीएसए