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Sant Kabir Nagar News: दलालों का प्रवेश रोकने के लिए कर्मियों को जारी होगा आईकार्ड
Mon, 30 Oct 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 30 Oct 2023 01:11 AM IST
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में दलालों के प्रवेश को रोकने लिए अब स्वास्थ्य कर्मियों को आईकार्ड जारी किया जाएगा। हर स्वास्थ्य कर्मी के आईकार्ड के फीते पर संयुक्त जिला अस्पताल लिखा रहेगा, ताकि अस्पताल में काम करने वाला स्वास्थ्य कर्मी पहचान में आ सके। सीएमएस ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों के फोटो ग्राफ व उनका ब्योरा मांगा है। जल्द ही आईकार्ड बनकर आ जाएगा। इससे बाहरी व्यक्ति अगर किसी चिकित्सक के कमरे में बैठते है तो उसकी पहचान हो सकेगी।
अस्पताल की ओपीडी से लगायत एमसीएच विंग तक बाहरी लोगों को बोलबाला है। ये लोग ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में बैठकर बाकायदा मरीजों से पर्ची लेकर दवा दिलाते हैं और बाहर ले जाकर जांच कराते हैं। सीएमएस ने कई बार चिकित्सकों को हिदायत दी है, पर बाहरी व्यक्ति अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अगर कोई पूछता है तो कहते हैं वह अस्पताल के कर्मी हैं।
सीएमएस ने इस पर लगाम लगाने के लिए सभी कर्मियों, चिकित्सकों के लिए आईकार्ड अनिवार्य कर दिया है। सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, संविदा पर कार्यरत कर्मी समेत सभी स्वास्थ्य कर्मियों का आईकार्ड बनाया जाएगा। लोग प्रतिदिन आईकार्ड लगाकर आएंगे। इसके साथ ही कार्यस्थल पर भी आईकार्ड लगाएंगे ताकि जांच के समय उनकी पहचान हो सके। ओपीडी में मरीजों के अलावा अन्य कोई भी बाहरी व्यक्ति बैठा पाया जाएगा तो उसकी पहचान हो सकेगी। मरीज भी बिना आईकार्ड वाले किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें। इसके लिए स्लिप लगाकर जागरूक किया जाएगा।
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अस्पताल की ओपीडी से लगायत एमसीएच विंग तक बाहरी लोगों को बोलबाला है। ये लोग ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में बैठकर बाकायदा मरीजों से पर्ची लेकर दवा दिलाते हैं और बाहर ले जाकर जांच कराते हैं। सीएमएस ने कई बार चिकित्सकों को हिदायत दी है, पर बाहरी व्यक्ति अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अगर कोई पूछता है तो कहते हैं वह अस्पताल के कर्मी हैं।
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सीएमएस ने इस पर लगाम लगाने के लिए सभी कर्मियों, चिकित्सकों के लिए आईकार्ड अनिवार्य कर दिया है। सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, संविदा पर कार्यरत कर्मी समेत सभी स्वास्थ्य कर्मियों का आईकार्ड बनाया जाएगा। लोग प्रतिदिन आईकार्ड लगाकर आएंगे। इसके साथ ही कार्यस्थल पर भी आईकार्ड लगाएंगे ताकि जांच के समय उनकी पहचान हो सके। ओपीडी में मरीजों के अलावा अन्य कोई भी बाहरी व्यक्ति बैठा पाया जाएगा तो उसकी पहचान हो सकेगी। मरीज भी बिना आईकार्ड वाले किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें। इसके लिए स्लिप लगाकर जागरूक किया जाएगा।
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