{"_id":"625afd32e1bc8e2ad31af394","slug":"hut-burnt-khalilabad-news-gkp433596813","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंठल में लगी आग, झोपड़ी जलकर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डंठल में लगी आग, झोपड़ी जलकर राख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डंठल में लगी आग, झोपड़ी जलकर राख
ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर पाया काबू
संवाद न्यू जएजेंसी
सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के बाघनगर-सेहुड़ा सीवान में गेहूं की फसल के डंठल फूंके जाने से आग सेहुड़ा गांव की दलित बस्ती में घुस गई। आग से एक झोपड़ी जलकर राख हो गई।
शनिवार को दिन में लगभग एक बजे बाघनगर सेहुड़ा के सीवान में गेहूं का डंठल जलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण अचानक आग काफी दूर में फैल गई तो ग्रामीणों ने सीवान में लगे पंपिंग सेट चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन हवा का दबाव काफी अधिक था। ग्रामीणों में इतनी दहशत फैल गई कि लोग घरों से अपना सामान निकालकर सड़कों पर रखने लगे तथा ग्रामीणों ने सिलिंडर घरों से बाहर निकालकर गड्ढों में रख दिया। इस दौरान आग सेहुड़ा गांव की दलित बस्ती में घुस गई और मोहन प्रसाद के छप्पर में आग लग गई तथा उसमें रखी लकड़ियां एवं जानवरों के खाने के लिए भूसा जलकर राख हो गया। इस दौरान समय रहते अगर जानवरों को नहीं निकाला गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आग ने रामदीन के छत पर रखे लकड़ी में आग पकड़ ली। इस पर ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इस दौरान इकट्टा कर रखी गईं लकड़ियों एवं जानवरों का भूसा जलकर राख हो गया। आग से प्रधान अफजाल अहमद तथा गुलाम हुसेन एवं मो. यूसुफ के बाग के कई पेड़ झुलस गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंच गई और ग्रामीणों के साथ अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर पाया काबू
संवाद न्यू जएजेंसी
सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के बाघनगर-सेहुड़ा सीवान में गेहूं की फसल के डंठल फूंके जाने से आग सेहुड़ा गांव की दलित बस्ती में घुस गई। आग से एक झोपड़ी जलकर राख हो गई।
शनिवार को दिन में लगभग एक बजे बाघनगर सेहुड़ा के सीवान में गेहूं का डंठल जलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण अचानक आग काफी दूर में फैल गई तो ग्रामीणों ने सीवान में लगे पंपिंग सेट चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन हवा का दबाव काफी अधिक था। ग्रामीणों में इतनी दहशत फैल गई कि लोग घरों से अपना सामान निकालकर सड़कों पर रखने लगे तथा ग्रामीणों ने सिलिंडर घरों से बाहर निकालकर गड्ढों में रख दिया। इस दौरान आग सेहुड़ा गांव की दलित बस्ती में घुस गई और मोहन प्रसाद के छप्पर में आग लग गई तथा उसमें रखी लकड़ियां एवं जानवरों के खाने के लिए भूसा जलकर राख हो गया। इस दौरान समय रहते अगर जानवरों को नहीं निकाला गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आग ने रामदीन के छत पर रखे लकड़ी में आग पकड़ ली। इस पर ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इस दौरान इकट्टा कर रखी गईं लकड़ियों एवं जानवरों का भूसा जलकर राख हो गया। आग से प्रधान अफजाल अहमद तथा गुलाम हुसेन एवं मो. यूसुफ के बाग के कई पेड़ झुलस गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंच गई और ग्रामीणों के साथ अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया।
विज्ञापन