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गर्मी ने बढ़ाए डायरिया के मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:32 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। मौसम के बदलते ही संयुक्त जिला अस्पताल के ओपीडी में लगातार डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पताल में मासूम व व्यस्क भी इस बीमारी के चलते भर्ती हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के ओपीडी में डायरिया यानि उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित मरीजों की नियमित 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। गौरतलब है कि मई-जून का महीना आते ही गर्मी तल्ख हो जाती है लेकिन अभी अप्रैल का महीना चल रहा है और गर्मी पूरे शबाब पर है।
लोग गर्मी से बेहाल है। ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग चिकनाईयुक्त, बासी भोजन या फिर बाजारों में खुले में बिकने वाले सामानों को खाने-पीने में इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।
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संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरपी राय का कहना है कि गर्मी के मौसम में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समय ज्यादातर उल्टी-दस्त के ऐसे मरीज आते हैं, जो उल्टा-सीधा भोजन करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में मौसम में जहां तक संभव हो हल्का भोजन प्रयोग करना चाहिए, वह भी चिकनाईयुक्त और बासी न हो। क्योंकि इसके प्रयोग से लोग बीमार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में इस रोग की प्रमुख वजह संतुलित भोजन न मिलना है। पानी भी लोगों को प्रभावित करता है। इसलिए हमेशा इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।
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जिला अस्पताल के ओपीडी में डायरिया यानि उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित मरीजों की नियमित 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। गौरतलब है कि मई-जून का महीना आते ही गर्मी तल्ख हो जाती है लेकिन अभी अप्रैल का महीना चल रहा है और गर्मी पूरे शबाब पर है।
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लोग गर्मी से बेहाल है। ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग चिकनाईयुक्त, बासी भोजन या फिर बाजारों में खुले में बिकने वाले सामानों को खाने-पीने में इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।
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संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरपी राय का कहना है कि गर्मी के मौसम में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समय ज्यादातर उल्टी-दस्त के ऐसे मरीज आते हैं, जो उल्टा-सीधा भोजन करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में मौसम में जहां तक संभव हो हल्का भोजन प्रयोग करना चाहिए, वह भी चिकनाईयुक्त और बासी न हो। क्योंकि इसके प्रयोग से लोग बीमार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में इस रोग की प्रमुख वजह संतुलित भोजन न मिलना है। पानी भी लोगों को प्रभावित करता है। इसलिए हमेशा इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।