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Sant Kabir Nagar News: अधूरी रह गई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की आस

Wed, 01 Mar 2023 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 01 Mar 2023 11:36 PM IST
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Hope of sewerage treatment plant remained incomplete
मगहर कबीर चौरा परिसर में स्थित आमी नदी में गिर रहा गंदा पानी।संवाद
फोटो के साथ---
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- शासन ने जिले के छह कस्बों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का दिया है निर्देश
- खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में नहीं मिल पा रही जमीन
- जल निगम शहरी के एक्सईएन ने डीएम-एडीएम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नि:शुल्क जमीन नहीं मिल पाने की वजह से तीन निकायों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होने की राह में रोड़ा फंस गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने के पीछे शासन की मंशा है कि कस्बों के नालों व नालियों का गंदा पानी साफ करके ही नदियों में गिराया जाए। जिससे नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी के एक्सईएन ने डीएम संदीप कुमार और एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव से मुलाकात कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
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जल निगम के एक्सईएन सुदेश कुमार ने बताया कि शासन ने संतकबीरनगर जिले के नगर पालिका खलीलाबाद, नगर पंचायत मगहर, नगर पंचायत मेंहदावल, नगर पंचायत हरिहरपुर, नगर पंचायत बखिरा, नगर पंचायत बेलहर कला में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का निर्देश दिया है। इसके पीछे कारण है कि कस्बों के नालों, नालियों का गंदा पानी जो सीधे नदियों में गिरता है, उसे रोकना है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये गंदा पानी साफ करके ही नदियों में गिराया जाना है। इसके लिए नि:शुल्क जमीन चाहिए। पिछले पांच-छह महीने से जमीन की तलाश की जा रही है। पूर्व डीएम और एडीएम से पत्राचार के साथ ही संपर्क स्थापित किया गया था। प्रशासन की पहल से मेंहदावल, बेलहर और हरिहरपुर में तो नि:शुल्क जमीन उपलब्ध हो गई है। इन जगहों का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा हैं। जबकि खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। नगर पंचायत मगहर में करीब एक एकड़, खलीलाबाद में दो एकड़ और बखिरा में डेढ़ एकड़ जमीन चाहिए। इसके लिए डीएम और एडीएम से संपर्क करके इन तीनों जगहों पर जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है। जमीन मिलते ही इन जगहों के लिए भी प्रस्ताव तैयार करा कर शासन को भेजा जाएगा।
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खलीलाबाद और मगहर में पूर्व बनी योजना नहीं चढ़ पाई परवान
सिद्घार्थनगर जिल के सिकोहरा ताल से निकलकर गोरखपुर जिले में राप्ती में मिलने वाली 135 किलोमीटर लंबी आमी नदी का अधिकांश हिस्सा प्रदूषित हो चुका है। औद्योगिक कचरा और शहरी क्षेत्रों के नालों व प्रदूषित पानी से नदी का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पिछले दस वर्षों से समय-समय पर आंदोलन चलाया जाता रहा है। मामला एनजीटी की हाई पॉवर कमेटी के पास भी पहुंचा था। करीब तीन साल पहले हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन न्यायामूर्ति डीपी सिंह की अगुवाई में एक टीम ने आमी नदी के उद्गम स्थल से गोरखपुर जिले में इसके अंतिम छोर तक का निरीक्षण भी किया था। इसमें खलीलाबाद के चकपिहनी में 42 करोड़ व मगहर में 28 करोड़ रुपये से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाई। अब नए सिरे से छह कस्बों में जल निगम शहरी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाए जाने का निर्देश मिला है।



जल निगम शहरी के एक्सईएन ने खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने के लिए जमीन की मांग की है। इसके लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। पूरी कोशिश होगी कि जल्द ही जमीन की व्यवस्था करा दी जाए।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एडीएम
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