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शासन की मंजूरी के बाद जगी विकास की उम्मीद
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नगर पंचायत बखिरा में सड़क के किनारे पड़ा कूड़ा।
- फोटो : KHALILABAD
शासन की मंजूरी के बाद जगी विकास की उम्मीद
-नव गठित नगर पंचायतों व सीमा विस्तार में शामिल गांवों की बदलेगी तस्वीर
- सड़क, नाली, सामुदायिक भवन निर्माण आदि के होंगे कार्य
संतकबीरनगर। नव गठित नगर पंचायतों व सीमा विस्तार से क्षेत्रों के विकास की उम्मीद जग गई है। पिछले दिनों शासन ने इन क्षेत्रों में इंटरलाकिंग, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्युत व्यवस्था में सुधार आदि कार्य की मंजूरी दी है। इसके साथ ही बजट भी जारी किया है। इससे जिले में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद व मेंहदावल में सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों व नव गठित बखिरा, बेलहरकला व हैंसर-धनघटा नगर पंचायत में शामिल क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और इन क्षेत्रों में रहने वालों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पिछले दिनों प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के माध्यम से शासन स्तर से बजट की व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी जिले वार बजट उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन इससे विकास की आस जग गई है। इस योजना का लाभ सीमा विस्तार में शामिल नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के 16, मेंहदावल के 45, बखिरा के 16, बेलहरकला के 12, हैंसर व धनघटा के 37 गांवों के करीब एक लाख बीस हजार की आबादी को शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। योजना के तहत इन क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, सामुदायिक भवनों का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार सहित अन्य कार्य कराए जाने की योजना है।
सीमा विस्तार व गठन के बाद भी ठप था विकास
नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के सीमा विस्तार होने के बाद भी विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों को लोगों की शहरी विकास की उम्मीद टूट रही थी, जबकि नव गठित नगर पंचायतों में विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इन क्षेत्रों में सड़कें टूट गई हैं तो अभी भी ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली आपूर्ति हो रही है। पेयजल व्यवस्था व साफ-सफाई भी ठीक नहीं है। ऐसे में शासन के फैसले के बाद इन क्षेत्रों में रहने वालों की उम्मीद जग गई है।
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शासन ने मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना का अनुमोदन किया है। इससे सीमा विस्तार में शामिल गांवों व नव सृजित नगर पंचायतों में विकास का कार्य हो सकेगा। जैसे ही जिले को बजट उपलब्ध होगा, कार्य योजना तैयार कर विकास के कार्य कराए जाएंगे।
मनोज कुमार सिंह- एडीएम वित्त व राजस्व
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-नव गठित नगर पंचायतों व सीमा विस्तार में शामिल गांवों की बदलेगी तस्वीर
- सड़क, नाली, सामुदायिक भवन निर्माण आदि के होंगे कार्य
संतकबीरनगर। नव गठित नगर पंचायतों व सीमा विस्तार से क्षेत्रों के विकास की उम्मीद जग गई है। पिछले दिनों शासन ने इन क्षेत्रों में इंटरलाकिंग, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्युत व्यवस्था में सुधार आदि कार्य की मंजूरी दी है। इसके साथ ही बजट भी जारी किया है। इससे जिले में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद व मेंहदावल में सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों व नव गठित बखिरा, बेलहरकला व हैंसर-धनघटा नगर पंचायत में शामिल क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और इन क्षेत्रों में रहने वालों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पिछले दिनों प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के माध्यम से शासन स्तर से बजट की व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी जिले वार बजट उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन इससे विकास की आस जग गई है। इस योजना का लाभ सीमा विस्तार में शामिल नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के 16, मेंहदावल के 45, बखिरा के 16, बेलहरकला के 12, हैंसर व धनघटा के 37 गांवों के करीब एक लाख बीस हजार की आबादी को शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। योजना के तहत इन क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, सामुदायिक भवनों का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार सहित अन्य कार्य कराए जाने की योजना है।
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सीमा विस्तार व गठन के बाद भी ठप था विकास
नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के सीमा विस्तार होने के बाद भी विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों को लोगों की शहरी विकास की उम्मीद टूट रही थी, जबकि नव गठित नगर पंचायतों में विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इन क्षेत्रों में सड़कें टूट गई हैं तो अभी भी ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली आपूर्ति हो रही है। पेयजल व्यवस्था व साफ-सफाई भी ठीक नहीं है। ऐसे में शासन के फैसले के बाद इन क्षेत्रों में रहने वालों की उम्मीद जग गई है।
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शासन ने मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना का अनुमोदन किया है। इससे सीमा विस्तार में शामिल गांवों व नव सृजित नगर पंचायतों में विकास का कार्य हो सकेगा। जैसे ही जिले को बजट उपलब्ध होगा, कार्य योजना तैयार कर विकास के कार्य कराए जाएंगे।
मनोज कुमार सिंह- एडीएम वित्त व राजस्व