{"_id":"647246af5fd6d880c00bec8b","slug":"health-problem-in-ladies-khalilabad-news-c-7-1-183510-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
Sat, 27 May 2023 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 27 May 2023 11:36 PM IST
विज्ञापन
डॉ शशि सिंह।
संतकबीरनगर। अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस 28 मई को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में बताना है। ऐसे में महिलाओं को पता होना चाहिए कि उनके शरीर में किन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इसके लिए महिलाओं को क्या- क्या उपाय करने चाहिए। हर महिला अपने स्वास्थ्य और कल्याण मसलन एवं प्रजनन तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक हो। महिला स्वास्थ्य दिवस पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने अपनी राय देते हुए महिलाओं को पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने की सलाह दी है।
0000000000000000000
जिला अस्पताल के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीताराम कन्नौजिया ने कहा कि हर महिलाओं को यह मालूम होना चाहिए कि उनके शरीर में किन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। प्रकृति ने महिलाओं को कुछ इस तरह बनाया है कि वह पुरुषों से कहीं अधिक सेंसेटिव होती हैं। इनमें आयरन की कमी देखी जा सकती है। जिस वजह से यह एनीमिया की समस्या से भी ग्रस्त रहती हैं। एनीमिया की समस्या को खून की कमी भी कहते हैं। एनीमिया से जूझने के अलावा महिलाओं को अपने शरीर में विटामिन-बी की कमी का भी सामना करना पड़ता है। जिस वजह से उनके शरीर में थकान, डिप्रेशन, बाल झड़ना, कमजोरी, सुस्ती आदि लक्षण नजर आते हैं। इसके लिए महिलाओं को जागरूक होना पड़ेगा।
0000000000000000
जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस मनाने के पीछे महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। महिलाओं के शरीर में अक्सर कैल्शियम की कमी भी देखने को मिलती है। जिस वजह से इन्हें पोषक तत्व की कमी का भी सामना करना पड़ता है। इसके कारण उन्हें हड्डियों में दर्द महसूस होता है। हर महिलाओं के लिए विटामिन-डी जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में दर्द सहना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को जागरूक होकर अपनी नियमित जांच करानी चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में हर प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
0000000000000000000
जिला अस्पताल के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीताराम कन्नौजिया ने कहा कि हर महिलाओं को यह मालूम होना चाहिए कि उनके शरीर में किन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। प्रकृति ने महिलाओं को कुछ इस तरह बनाया है कि वह पुरुषों से कहीं अधिक सेंसेटिव होती हैं। इनमें आयरन की कमी देखी जा सकती है। जिस वजह से यह एनीमिया की समस्या से भी ग्रस्त रहती हैं। एनीमिया की समस्या को खून की कमी भी कहते हैं। एनीमिया से जूझने के अलावा महिलाओं को अपने शरीर में विटामिन-बी की कमी का भी सामना करना पड़ता है। जिस वजह से उनके शरीर में थकान, डिप्रेशन, बाल झड़ना, कमजोरी, सुस्ती आदि लक्षण नजर आते हैं। इसके लिए महिलाओं को जागरूक होना पड़ेगा।
विज्ञापन
0000000000000000
जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस मनाने के पीछे महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। महिलाओं के शरीर में अक्सर कैल्शियम की कमी भी देखने को मिलती है। जिस वजह से इन्हें पोषक तत्व की कमी का भी सामना करना पड़ता है। इसके कारण उन्हें हड्डियों में दर्द महसूस होता है। हर महिलाओं के लिए विटामिन-डी जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में दर्द सहना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को जागरूक होकर अपनी नियमित जांच करानी चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में हर प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन