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Sant Kabir Nagar News: दिन में धूप, रात में ठंड से बिगड़ रही सेहत
Sun, 02 Feb 2025 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 02 Feb 2025 11:29 PM IST
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जिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श देते बाल रोग विशेषज्ञ
संतकबीरनगर। बदलते मौसम के बीच बच्चों में नजला के साथ ही ब्रोंकियोलाइटिस की समस्या बढ़ी है। यह अधिकतर नवजात व छोटे बच्चों में हो रहा है। हालांकि यह रोग असाध्य नहीं है, लेकिन इसके वायरस की चपेट में आकर बच्चों को काफी परेशानियां होती हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन दो से चार मरीज इस रोग के आ रहे हैं। चिकित्सक इलाज कर रहे है। इसके साथ ही बचाव के उपाय बता रहे हैं।
दिन में तेज धूप और रात में ठंड पड़ने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। वयस्क व्यक्तियों में जहां सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार की समस्या रहती है, वहीं बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन दो से चार बच्चे इस इस बीमारी से पीड़ित होकर आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ डीपी सिंह ने बताया कि मौसम में बदला के चलते नवजात व छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत रहती है, लेकिन इस बार कुछ बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस बीमारी पाई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण पहले आम सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, लेकिन फिर स्थिति काफी खराब हो जाती है।
इस बीमारी से पीड़ित बच्चों में खांसी और सांस छोड़ते समय तेज सीटी जैसी आवाज आती है। कभी-कभी बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण एक से दो सप्ताह तक रहते हैं। उन्होंने बताया कि ब्रोंकियोलाइटिस निमोनिया का एक प्रकार है। इन श्वांसनली को ब्रोकियोल कहा जाता है। ब्रोंकियोलाइटिस वायरस के कारण होता है।
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दिन में तेज धूप और रात में ठंड पड़ने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। वयस्क व्यक्तियों में जहां सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार की समस्या रहती है, वहीं बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन दो से चार बच्चे इस इस बीमारी से पीड़ित होकर आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ डीपी सिंह ने बताया कि मौसम में बदला के चलते नवजात व छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत रहती है, लेकिन इस बार कुछ बच्चों में ब्रोंकियोलाइटिस बीमारी पाई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण पहले आम सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, लेकिन फिर स्थिति काफी खराब हो जाती है।
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इस बीमारी से पीड़ित बच्चों में खांसी और सांस छोड़ते समय तेज सीटी जैसी आवाज आती है। कभी-कभी बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण एक से दो सप्ताह तक रहते हैं। उन्होंने बताया कि ब्रोंकियोलाइटिस निमोनिया का एक प्रकार है। इन श्वांसनली को ब्रोकियोल कहा जाता है। ब्रोंकियोलाइटिस वायरस के कारण होता है।
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