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दोपहर में बरसात के साथ गिरे ओले
संतकबीरनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:05 AM IST
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दोपहर में छाया अंधेरा
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार को दोपहर दो बजे के करीब अचानक मौसम बदला और घना अंधेरा छा गया। उसके बाद जमकर बारिश हुई और ओले भी पडे़। इस दौरान जहां सड़कों पर सन्नाटा पसर गया वहीं लोग इधर- उधर भाग कर बारिश से बचने के लिए ठौर ढूंढे को विवश हुए। बारिश से जहां गेेहूं की फसल को लाभ पहुंचा, वहीं आलू, मटर, सरसों और अरहर की फसलों के लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है।
किसान घनश्याम पांडेय, तवलचंद, नारद , विजय कुमार शुक्ल और हरिश्चंद्र चौधरी आदि ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए तो कुछ हद तक लाभकारी है, लेकिन हवा के झटके के साथ गेहूं की फसल कही- कहीं लेट भी गई है। आगे बताया कि बारिश के साथ पडे़ ओले आलू ,मटर, सरसों और अरहर की फसल के लिए नुकसानदायक है। इस बारिश की वजह से माहों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि बारिश की वजह से ठंड का असर बढ़ा है। आगे बताया कि बारिश से कोई अधिक नुकसान तो नहीं है, लेकिन दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए कुछ नुकसानदायक हो सकती है।
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किसान घनश्याम पांडेय, तवलचंद, नारद , विजय कुमार शुक्ल और हरिश्चंद्र चौधरी आदि ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए तो कुछ हद तक लाभकारी है, लेकिन हवा के झटके के साथ गेहूं की फसल कही- कहीं लेट भी गई है। आगे बताया कि बारिश के साथ पडे़ ओले आलू ,मटर, सरसों और अरहर की फसल के लिए नुकसानदायक है। इस बारिश की वजह से माहों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि बारिश की वजह से ठंड का असर बढ़ा है। आगे बताया कि बारिश से कोई अधिक नुकसान तो नहीं है, लेकिन दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए कुछ नुकसानदायक हो सकती है।
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