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रेल टिकट मिला होता तो नहीं होते बस हादसे में घायल
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रोती हुई सतीश की दादी।
- फोटो : KHALILABAD
रेल टिकट मिला होता तो नहीं होते बस हादसे में घायल
परिवार के छह सदस्यों के घायल होने की खबर से सहम गए गांव के लोग
धर्मसिंहवा/संतकबीरनगर। मध्य प्रदेश के रीवा में हुई बस दुर्घटना में क्षेत्र के राजेडीहा गांव के एक परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। हादसे की सूचना शनिवार को गांव पहुंची तो सभी सकते में गए। घर पर बूढ़ी मां ज्ञानमती देवी मौजूद थीं। घायल रेल टिकट नहीं मिलने की वजह से बस से सफर कर लौट रहे थे।
राजेडीहा गांव निवासी घायल 45 वर्षीय जंग बहादुर ने फोन पर बताया कि वह सिकंदराबाद में मजदूरी करते हैं। भतीजा सतीश चंद्र भी उन्हीं के साथ काम करता है। रेलवे टिकट न मिल पाने के कारण सिद्धार्थनगर के उतरौला तक आने वाली प्राइवेट बस से दीपावली का त्योहार मनाने घर आ रहे थे। रीवा शहर से करीब 25 किलोमीटर पहले सुहागी घाटी में पहुंचे ही थे, उसी दौरान उतार के दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस एक ट्रेलर में जाकर घुस गई।
हादसे में अलग-अलग जिले के रहने वाले 15 लोगों की मौत भी हो गई। जंग बहादुर ने बताया कि उनके साथ भतीजा सतीश चंद्र, भतीजे की पत्नी श्रीदेवी व अन्य तीन बच्चे घायल हुए। रीवा जिला अस्पताल से इलाज के बाद वे लोग छुट्टी पा गए। उन्होंने बताया कि प्रशासन की देखरेख में सभी लोगों का सामान सुरक्षित रखवाया गया था। प्रशासन ने ही बस उपलब्ध कराया और लोग घर लौट रहे हैं। प्रयागराज तक पहुंच चुके हैं। रविवार को लोग घर पहुंच जाएंगे।
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उधर, हादसे की सूचना मिलते ही राजेडीहा में उनके परिवार के लोग परेशान हो गए, लेकिन सभी के ठीक होने की सूचना से लोगों को राहत मिली। घर पर जंग बहादुर की मां ज्ञानमती मौजूद थीं। वह परिवार के लोगों के पहुंचने का इंतजार कर रही हैं।
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परिवार के छह सदस्यों के घायल होने की खबर से सहम गए गांव के लोग
धर्मसिंहवा/संतकबीरनगर। मध्य प्रदेश के रीवा में हुई बस दुर्घटना में क्षेत्र के राजेडीहा गांव के एक परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। हादसे की सूचना शनिवार को गांव पहुंची तो सभी सकते में गए। घर पर बूढ़ी मां ज्ञानमती देवी मौजूद थीं। घायल रेल टिकट नहीं मिलने की वजह से बस से सफर कर लौट रहे थे।
राजेडीहा गांव निवासी घायल 45 वर्षीय जंग बहादुर ने फोन पर बताया कि वह सिकंदराबाद में मजदूरी करते हैं। भतीजा सतीश चंद्र भी उन्हीं के साथ काम करता है। रेलवे टिकट न मिल पाने के कारण सिद्धार्थनगर के उतरौला तक आने वाली प्राइवेट बस से दीपावली का त्योहार मनाने घर आ रहे थे। रीवा शहर से करीब 25 किलोमीटर पहले सुहागी घाटी में पहुंचे ही थे, उसी दौरान उतार के दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस एक ट्रेलर में जाकर घुस गई।
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हादसे में अलग-अलग जिले के रहने वाले 15 लोगों की मौत भी हो गई। जंग बहादुर ने बताया कि उनके साथ भतीजा सतीश चंद्र, भतीजे की पत्नी श्रीदेवी व अन्य तीन बच्चे घायल हुए। रीवा जिला अस्पताल से इलाज के बाद वे लोग छुट्टी पा गए। उन्होंने बताया कि प्रशासन की देखरेख में सभी लोगों का सामान सुरक्षित रखवाया गया था। प्रशासन ने ही बस उपलब्ध कराया और लोग घर लौट रहे हैं। प्रयागराज तक पहुंच चुके हैं। रविवार को लोग घर पहुंच जाएंगे।
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उधर, हादसे की सूचना मिलते ही राजेडीहा में उनके परिवार के लोग परेशान हो गए, लेकिन सभी के ठीक होने की सूचना से लोगों को राहत मिली। घर पर जंग बहादुर की मां ज्ञानमती मौजूद थीं। वह परिवार के लोगों के पहुंचने का इंतजार कर रही हैं।