{"_id":"67af8afb7ba32e5beb0200de","slug":"had-fun-with-looted-money-spent-rs-185-lakh-in-12-days-khalilabad-news-c-209-1-kld1004-128578-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: लूट के रुपये से की मौज-मस्ती, 12 दिन में खर्च कर दिए 1.85 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: लूट के रुपये से की मौज-मस्ती, 12 दिन में खर्च कर दिए 1.85 लाख
Fri, 14 Feb 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
बेलहर। सिद्धार्थनगर के व्यवसायी के सेल्समैन से हुई लूट के दौरान लुटेरों ने लूटे गए रुपयों से खूब मौज मस्ती की। स्थिति यह थी कि उन्होंने पकड़े जाने से पहले 12 दिन में ही 1.85 लाख रुपये केवल अपनी अय्याशी में खर्च कर दिए।
लूट के बाद से ही छिपने के लिए कई ठिकाना खोजा, इसके लिए लंबी यात्राएं भी कीं, लेकिन पुलिस इस कदर पीछे लगी रही कि वह सफल नहीं हुए और अंतत: पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
कहा गया है कि बिना मेहनत के मिले धन की कोई कद्र नहीं होती है। यही हाल सिद्धार्थनगर के व्यवसायी सेल्समैन से लूटपाट करने वाले लुटेरों का रहा। जब उन्हें लूट में 6.59 लाख रुपये मिले तो उन्होंने खूब खुलकर खर्च किया। कुछ पैसा तो उन्होंने अय्याशी में उड़ाया तो कुछ उधार में दे दिया। यही नहीं पुलिस से बचने के लिए लंबी यात्राएं भी कीं। इस दौरान लुटेरों ने तकरीबन 1.85 लाख रुपये खर्च कर दिए। पुलिस उनसे पुलिस केवल 4.74 लाख रुपये ही बरामद कर सकी है।
विज्ञापन
11 फरवरी को मुठभेड़ के दौरान सिद्धार्थनगर जनपद के बेलसड़ कोठी निवासी मोहम्मद नसीम और उसके साथी अताउर्रहमान को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी मोहम्मद नसीम के पैर में गोली लगी।
उनके कब्जे से पुलिस ने लूट के 2.52 लाख रुपये और एक पिस्तौल, एक तमंचा एवं घटना में प्रयुक्त बाइक को बरामद किया था। वहीं 13 फरवरी को पुलिस ने साजिशकर्ता सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया निवासी चुडिहारी थाना उसका बाजार एवं फिरोज खान निवासी ककरहवा थाना मोहना जनपद सिद्धार्थनगर को दबोचा, उनके कब्जे से पुलिस को लूट की दोनों मोबाइल एवं 2,22,500 रुपये नगद मिला।
-- -- -
सीसीटीवी से पुलिस को तिला सुराग
लुटेरों को सबसे बड़ा नुकसान सीसीटीवी से हुआ। मुंह पर गमछा बांधकर लूट की घटना को अंजाम देने के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस करने लगे। इस बीच वह पुलिस की लोकेशन लेने के लिए रात में चार घंटे बार्डर क्षेत्र के एक गांव में जाकर छिप गए। उन लोगों को यह लगा कि गांव में रात में मुंह पर गमछा बांधकर जाने के बाद लोग चोर समझकर दौड़ा सकते हैं, या फिर संगठित होकर हमला कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने मुंह से गमछा हटा दिया। यहीं पर उनसे चूक हो गई। इसके साथ ही वह एक सीसीटीवी कैमरे की जद में आ गए। हाई क्वालिटी के इस कैमरे की जद में आने के बाद लुटेरे पुलिस के रडार पर आ गए और धर दबोचे गए।
-- -- -- -- -- -- -- --
केस न दर्ज होने का पूर्वानुमान निकला गलत
लूट से पहले लुटेरों ने जो योजना बनाई थी, उसके तहत यही बात सामने आई कि व्यापारी नूर आलम लूट हो जाने के बाद मुकदमा दर्ज नहीं कराएगा। जिसके चलते पुलिस की जांच नहीं होगी और उनके पकड़ में आने की गुंजाइश भी कम रहेगी। लेकिन नूर आलम ने केस दर्ज करा दिया। जिसके चलते इस मामले में पुलिस का प्रवेश हो गया और पुलिस मामले के पर्दाफाश में जुट गई।
विज्ञापन
लूट के बाद से ही छिपने के लिए कई ठिकाना खोजा, इसके लिए लंबी यात्राएं भी कीं, लेकिन पुलिस इस कदर पीछे लगी रही कि वह सफल नहीं हुए और अंतत: पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
विज्ञापन
कहा गया है कि बिना मेहनत के मिले धन की कोई कद्र नहीं होती है। यही हाल सिद्धार्थनगर के व्यवसायी सेल्समैन से लूटपाट करने वाले लुटेरों का रहा। जब उन्हें लूट में 6.59 लाख रुपये मिले तो उन्होंने खूब खुलकर खर्च किया। कुछ पैसा तो उन्होंने अय्याशी में उड़ाया तो कुछ उधार में दे दिया। यही नहीं पुलिस से बचने के लिए लंबी यात्राएं भी कीं। इस दौरान लुटेरों ने तकरीबन 1.85 लाख रुपये खर्च कर दिए। पुलिस उनसे पुलिस केवल 4.74 लाख रुपये ही बरामद कर सकी है।
विज्ञापन
11 फरवरी को मुठभेड़ के दौरान सिद्धार्थनगर जनपद के बेलसड़ कोठी निवासी मोहम्मद नसीम और उसके साथी अताउर्रहमान को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी मोहम्मद नसीम के पैर में गोली लगी।
उनके कब्जे से पुलिस ने लूट के 2.52 लाख रुपये और एक पिस्तौल, एक तमंचा एवं घटना में प्रयुक्त बाइक को बरामद किया था। वहीं 13 फरवरी को पुलिस ने साजिशकर्ता सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया निवासी चुडिहारी थाना उसका बाजार एवं फिरोज खान निवासी ककरहवा थाना मोहना जनपद सिद्धार्थनगर को दबोचा, उनके कब्जे से पुलिस को लूट की दोनों मोबाइल एवं 2,22,500 रुपये नगद मिला।
सीसीटीवी से पुलिस को तिला सुराग
लुटेरों को सबसे बड़ा नुकसान सीसीटीवी से हुआ। मुंह पर गमछा बांधकर लूट की घटना को अंजाम देने के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस करने लगे। इस बीच वह पुलिस की लोकेशन लेने के लिए रात में चार घंटे बार्डर क्षेत्र के एक गांव में जाकर छिप गए। उन लोगों को यह लगा कि गांव में रात में मुंह पर गमछा बांधकर जाने के बाद लोग चोर समझकर दौड़ा सकते हैं, या फिर संगठित होकर हमला कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने मुंह से गमछा हटा दिया। यहीं पर उनसे चूक हो गई। इसके साथ ही वह एक सीसीटीवी कैमरे की जद में आ गए। हाई क्वालिटी के इस कैमरे की जद में आने के बाद लुटेरे पुलिस के रडार पर आ गए और धर दबोचे गए।
केस न दर्ज होने का पूर्वानुमान निकला गलत
लूट से पहले लुटेरों ने जो योजना बनाई थी, उसके तहत यही बात सामने आई कि व्यापारी नूर आलम लूट हो जाने के बाद मुकदमा दर्ज नहीं कराएगा। जिसके चलते पुलिस की जांच नहीं होगी और उनके पकड़ में आने की गुंजाइश भी कम रहेगी। लेकिन नूर आलम ने केस दर्ज करा दिया। जिसके चलते इस मामले में पुलिस का प्रवेश हो गया और पुलिस मामले के पर्दाफाश में जुट गई।